CBSE का बड़ा फैसला: 12वीं के लिए जारी रहेगी पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया, बोर्ड ने OSM प्रणाली को बताया सुरक्षित

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। बोर्ड ने अपनी डिजिटल मूल्यांकन पद्धति, यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली का पुरजोर बचाव किया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 May 2026, 8:37 AM IST
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New Delhi: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। बोर्ड ने अपनी डिजिटल मूल्यांकन पद्धति, यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली का पुरजोर बचाव किया है। इसके साथ ही छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को दूर करते हुए आश्वासन दिया है कि उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। बोर्ड के इस कदम को छात्रों के बीच विश्वास बहाल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर उठी चिंताओं के बाद आया स्पष्टीकरण

हाल ही में सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए थे। नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर कई छात्रों और अभिभावकों ने मुख्य विषयों—जैसे भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), जीव विज्ञान (Biology) और गणित (Mathematics) में मिले अंकों को लेकर असंतोष व्यक्त किया था। कई पोस्ट्स में मूल्यांकन की सटीकता पर सवाल उठाए गए थे। इन बढ़ती चिंताओं का संज्ञान लेते हुए बोर्ड को आधिकारिक तौर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।

ओएसएम (OSM) प्रणाली का किया बचाव, पारदर्शिता का दिया हवाला

सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर जारी एक बयान में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बताया। बोर्ड के अनुसार, इस डिजिटल प्रणाली का मुख्य उद्देश्य सभी विषयों और देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है। "यह प्रणाली चरण-दर-चरण (Step-by-step) अंकन सुनिश्चित करती है, जिससे किसी भी मानवीय पक्षपात या त्रुटि की गुंजाइश खत्म हो जाती है। यह बोर्ड के मूल्यांकन ढांचे को और अधिक सुदृढ़ और निरंतर बनाता है।" - सीबीएसई

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छात्रों के लिए जारी रहेगा पुनर्मूल्यांकन का विकल्प

बोर्ड ने साफ किया है कि डिजिटल मूल्यांकन लागू होने का मतलब यह कतई नहीं है कि छात्रों के अधिकार कम हो गए हैं। जो छात्र अपने अंतिम अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) का अवसर हमेशा की तरह खुला रहेगा। इसके तहत छात्र अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी (प्रतियां) प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। यदि स्क्रूटनी के दौरान अंकों की गिनती या किसी सवाल के मूल्यांकन में कोई विसंगति या गड़बड़ी पाई जाती है, तो छात्र सुधारात्मक कार्रवाई के लिए अपील कर सकते हैं।

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इस वर्ष के नतीजों और मूल्यांकन का गणित

इस वर्ष सीबीएसई ने पहली बार पूरी तरह से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के माध्यम से 12वीं कक्षा की सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया था। परीक्षा परिणामों की बात करें तो इस साल 85 प्रतिशत से अधिक छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुल उत्तीर्ण प्रतिशत (Overall Pass Percentage) में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद से ही मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।

Location :  New Delhi

Published :  17 May 2026, 8:37 AM IST

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