युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार: भारत में खुलेगा स्टारबक्स का पहला कॉर्पोरेट ऑफिस, जानें कैसे मिलेगी नौकरी और क्या होंगे फायदे

दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी चेन स्टारबक्स भारत में अपना पहला स्वतंत्र कॉर्पोरेट व टेक ऑफिस खोलने जा रही है, जो अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। वैश्विक स्तर पर खर्च कम करने के लिए कंपनी बाहरी वेंडर्स पर निर्भरता खत्म करके भारत के टैलेंट हब से सॉफ्टवेयर और क्लाउड इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स की सीधी हायरिंग करेगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 May 2026, 8:49 AM IST
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New Delhi: दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी चेन स्टारबक्स (Starbucks) अब भारत में केवल अपनी मशहूर कॉफी ही नहीं पिलाएगी, बल्कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी देगी। कंपनी भारत में अपना पहला स्वतंत्र कॉर्पोरेट ऑफिस खोलने जा रही है, जो पूरी तरह से टेक्नोलॉजी और डिजिटल कामकाज पर केंद्रित होगा। वैश्विक स्तर पर खर्च कम करने और आंतरिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्टारबक्स ने भारत को अपने इस बड़े विस्तार के लिए चुना है।

अक्टूबर 2026 से शुरू होगा कामकाज

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टारबक्स का यह नया टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग सेंटर अक्टूबर 2026 से पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा। इस साल के अंत तक ऑफिस की लोकेशन (शहर) फाइनल कर दी जाएगी, जिसके तुरंत बाद टेक प्रोफेशनल्स के लिए हायरिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। कंपनी मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को नौकरी देगी।

बाहरी कंपनियों पर निर्भरता कम करने की तैयारी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, स्टारबक्स के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) आनंद वरदराजन ने कर्मचारियों को बताया कि कंपनी अब बाहरी आईटी कंपनियों और वेंडर्स पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है। बाहरी ठेकेदार अपनी अतिरिक्त फीस जोड़ते हैं, जिससे कंपनी का खर्च बढ़ता है। सीधे तौर पर अपनी खुद की टेक टीम तैयार करने से स्टारबक्स अपने डिजिटल और टेक ऑपरेशंस पर बेहतर नियंत्रण रख सकेगी। भारत को सॉफ्टवेयर और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक मजबूत 'टैलेंट हब' माना जाता है, इसलिए विस्तार के लिए यह कंपनी की पहली पसंद बनकर उभरा है।

वैश्विक पुनर्गठन और छंटनी के बीच बड़ा कदम

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब स्टारबक्स के सीईओ ब्रायन निकोल वैश्विक स्तर पर बदलाव कर रहे हैं और करीब 2 अरब डॉलर की लागत कम करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके तहत कंपनी ने पिछले साल फरवरी से अब तक 2,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है, जिसमें हाल ही में हटाए गए 300 कॉर्पोरेट पद शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका के करीब 20% टेक कर्मचारियों (लगभग 270 पदों) को नैशविले ऑफिस में ट्रांसफर किया जा रहा है। इन बड़े बदलावों और कटौतियों के बीच, भारत में नया स्वतंत्र ऑफिस खोलने से कंपनी को लंबी अवधि में खर्च घटाने और अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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टाटा स्टारबक्स से कैसे अलग होगा यह ऑफिस?

वर्तमान में स्टारबक्स भारत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम (Joint Venture) के रूप में 'टाटा स्टारबक्स' के तहत देशभर में कैफे चलाती है। हालांकि, यह नया टेक्नोलॉजी सेंटर भारत में स्टारबक्स का पहला पूरी तरह से स्वतंत्र (Independent) कॉर्पोरेट ऑफिस होगा, जिसका काम कैफे संचालन से अलग विशुद्ध रूप से ग्लोबल डिजिटल ऑपरेशंस को संभालना होगा।

Location :  New Delhi

Published :  17 May 2026, 8:49 AM IST

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