UP News: गर्मी की छुट्टियों में भी नहीं मिलेगी राहत! आखिर क्यों जून-जुलाई में जिला नहीं छोड़ पाएंगे शिक्षक?

उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए इस बार गर्मी की छुट्टियां पहले जैसी नहीं रहने वाली हैं। सरकार के नए निर्देशों ने हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों की योजनाओं पर असर डाल दिया है। आखिर क्यों जिला छोड़ने पर लगाई गई रोक, किन बड़े कामों के लिए तैयार हो रहा प्रशासन और क्या होंगे इसके असर?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 May 2026, 2:43 PM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मियों के लिए इस बार गर्मी की छुट्टियां पूरी तरह आरामदायक नहीं रहने वाली हैं। जून और जुलाई महीने में उन्हें जिला मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। शासन स्तर से भर्ती परीक्षाओं और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को देखते हुए जिलों में यह निर्देश लागू किए जा रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालयों की ओर से इस संबंध में आदेश जारी होने लगे हैं।

किस वजह से लिया गया फैसला?

जानकारी के मुताबिक आने वाले महीनों में प्रदेश में कई अहम परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। इनमें लेखपाल भर्ती लिखित परीक्षा, पुलिस भर्ती परीक्षा, जीआईसी प्रवक्ता भर्ती, बीएड प्रवेश परीक्षा और यूपीटीईटी जैसी बड़ी परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा जनगणना से जुड़े भौतिक कार्य भी शुरू होने की तैयारी में हैं।

इन्हीं परीक्षाओं और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से कराने के लिए अनुभवी शिक्षकों और कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। यही वजह है कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

Farrukhabad: 15 दिनों से भूखे लौट रहे मासूम! स्कूल में बंद हुआ बच्चों का खाना, सामने आई चौंकाने वाली वजह

बिना अनुमति बाहर जाने पर रोक

डीआईओएस की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी बिना अनुमति जिला मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे। यदि किसी को आकस्मिक या जरूरी कारण से बाहर जाना है तो उन्हें जिला विद्यालय निरीक्षक से लिखित अनुमति लेनी होगी।

इस आदेश के बाद शिक्षकों में चर्चा का माहौल है। कई शिक्षक गर्मी की छुट्टियों में परिवार के साथ बाहर जाने या निजी कार्य निपटाने की योजना बना रहे थे, लेकिन नए निर्देशों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

परीक्षा ड्यूटी में लगेंगे शिक्षक

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कहा कि भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए अनुभवी शिक्षकों की आवश्यकता होती है। स्कूलों के शिक्षक और स्टाफ को कक्ष निरीक्षक समेत अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी न हो।

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी कारण जिला स्तर पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

यूपी के सरकारी अस्पतालों में ‘कंगारू मदर केयर’ बनी नवजातों के लिए जीवनदान, दादी-नानी भी निभा रहीं अहम भूमिका

छुट्टियों के बीच बढ़ी शिक्षकों की चिंता

गर्मी की छुट्टियां आमतौर पर शिक्षकों के लिए राहत का समय मानी जाती हैं, लेकिन इस बार लगातार परीक्षाओं और सरकारी कार्यों के चलते उन्हें छुट्टियों का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। कई शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा ड्यूटी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण उनका निजी जीवन प्रभावित हो रहा है। हालांकि शासन का तर्क है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुचारु संचालन के लिए यह कदम जरूरी है।

Location :  Lucknow

Published :  16 May 2026, 2:43 PM IST

Related News

Advertisement