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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
Prayagraj: डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद प्रयागराज के ट्रांसपोर्ट कारोबार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ट्रांसपोर्टरों ने मालभाड़े में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिसका असर अब सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाला है।
शहर से लेकर गांव तक रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें जल्द महंगी हो सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सब्जियों, फलों, राशन और इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दामों में तेजी देखने को मिल सकती है।
प्रयागराज से वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, इंदौर और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के लिए माल ढुलाई अब पहले से कहीं ज्यादा महंगी हो गई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार डीजल, टोल टैक्स और वाहन रखरखाव की बढ़ती लागत के कारण पुराने रेट पर गाड़ियां चलाना मुश्किल हो गया था।
छह चक्का ट्रक का वाराणसी तक का किराया पहले 7500 से 7700 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 8200 से 8500 रुपये कर दिया गया है। वहीं कानपुर और लखनऊ के लिए मालभाड़ा 9200 से 9500 रुपये तक पहुंच गया है। आगरा के लिए भी किराया 14 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया है। छोटे मालवाहक वाहन, जिन्हें आमतौर पर “छोटा हाथी” कहा जाता है, उनके किराए में भी बड़ा बदलाव हुआ है। वाराणसी का किराया अब 4000 से 4200 रुपये और कानपुर का 6000 से 6200 रुपये तक पहुंच गया है।
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व्यापारिक जानकारों की मानें तो मालभाड़ा बढ़ने का सबसे ज्यादा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ सकता है। हरी सब्जियां, फल, दालें और पैकेज्ड फूड जैसी वस्तुएं ट्रकों के जरिए ही प्रयागराज पहुंचती हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने का सीधा असर उनकी कीमतों पर दिखाई देगा।
इतना ही नहीं, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रोजमर्रा के घरेलू उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं। कारोबारियों का कहना है कि अगर डीजल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए परेशानी बढ़ सकती है।
इलाहाबाद गुड्स ट्रांसपोर्ट एंड मोटर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुशवाहा और ट्रांसपोर्टर अनीष जायसवाल ने कहा कि मालभाड़ा बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया था। उनका कहना है कि पहले टोल टैक्स में बढ़ोतरी हुई और अब डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है।
उन्होंने बताया कि 12 चक्का ट्रकों का कानपुर और लखनऊ के लिए किराया 15 हजार से बढ़ाकर 16,500 रुपये कर दिया गया है। वहीं दिल्ली का किराया 50 हजार से बढ़कर 54 हजार और कोलकाता का 56 हजार से बढ़कर 62 हजार रुपये तक पहुंच गया है।
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प्रयागराज को पूर्वांचल का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र माना जाता है। यहां से रोजाना बड़ी मात्रा में माल दूसरे शहरों में भेजा जाता है। ऐसे में मालभाड़ा बढ़ने से व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर स्थानीय बाजार और आम जनता दोनों पर दिखाई देगा।
Location : Prayagraj
Published : 17 May 2026, 8:42 AM IST