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देवरिया जिले में SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। एक मुस्लिम परिवार के पते पर सात हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। शिकायत के बाद प्रशासन ने एसडीएम सदर को जांच सौंपी है।
देवरिया में SIR के बाद बड़ा खुलासा
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से मतदाता सूची में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद एक मुस्लिम परिवार के पते पर कथित तौर पर सात हिंदू मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए। इस मामले के सामने आते ही प्रशासनिक स्तर पर हलचल मच गई है और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह मामला देवरिया नगर पालिका क्षेत्र के अबूबकर नगर उत्तरी-4, वार्ड संख्या 32 का है। यहां स्थित मकान संख्या 501 के निवासी अंजुम रहमान के पते पर SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद अचानक सात ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए, जिनका उस परिवार या पते से कोई लेना-देना नहीं बताया जा रहा है।
जब मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ और परिवार ने सूची की जांच की, तब इस गड़बड़ी का पता चला। एक ही पते पर सात अतिरिक्त मतदाताओं के नाम दर्ज देखकर परिवार हैरान रह गया। परिजनों का कहना है कि ये लोग न तो उनके रिश्तेदार हैं और न ही कभी इस पते पर निवास किया है।
मामले को गंभीर मानते हुए अंजुम रहमान और उनके परिवार ने जिलाधिकारी देवरिया और अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मतदाता सूची में जानबूझकर या लापरवाहीवश गड़बड़ी की गई है, जिससे भविष्य में चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सदर श्रुति शर्मा को सौंपी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि सात मतदाताओं के नाम किस प्रक्रिया के तहत और किस स्तर पर जोड़े गए। यह भी देखा जाएगा कि इसमें किसी कर्मचारी या बीएलओ की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं है।
एडीएम प्रशासन ने बयान देते हुए कहा, “शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद मतदाता सूची को सही किया जाएगा।
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इस घटना के बाद SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसी गड़बड़ियां सामने न आएं तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।