क्रिकेट के 73 नियमों में बड़ा बदलाव: 1अक्तूबर 2026 से लागू होंगे नए कानून, टेस्ट से लेकर बैट और बॉल तक…बदले कई नियम

मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के नियमों में 2022 के बाद का सबसे बड़ा बदलाव करते हुए 73 नए और संशोधित नियमों को मंजूरी दे दी है। सभी नियम 1 अक्तूबर 2026 से लागू होंगे, जसमें ओवरथ्रो, डेड बॉल, हिट विकेट और महिला-जूनियर क्रिकेट के लिए गेंद के मानकों को लेकर भी अहम बदलाव किए गए हैं।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 4 February 2026, 4:58 PM IST
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New Delhi: क्रिकेट नियम बनाने वाली संस्था MCC ने टेस्ट क्रिकेट में दिन के आखिरी ओवर से जुड़ा एक अहम बदलाव किया है, जिसमें अब दिन का अंतिम ओवर हर हाल में पूरा कराया जाएगा, भले ही उस ओवर के दौरान विकेट गिर जाए। पहले नियम के अनुसार, अगर आखिरी ओवर में विकेट गिरता था तो नया बल्लेबाज अगली सुबह खेलने आता था।

MCC का मानना है कि इससे खेल का रोमांच कम हो रहा था और बल्लेबाज कठिन परिस्थितियों से बच जाता था। बयान में कहा गया कि आमतौर पर दिन के अंत में गेंदबाजों को मदद मिलती है और ऐसे समय में नए बल्लेबाज को क्रीज पर आना खेल का स्वाभाविक हिस्सा होना चाहिए। नए नियम से न केवल रोमांच बढ़ेगा, बल्कि समय की बर्बादी भी रुकेगी, क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन फिर से फेंकनी ही पड़ती थीं।

ओवरथ्रो और डेड बॉल में स्पष्टता

MCC ने ओवरथ्रो और मिसफील्ड के बीच लंबे समय से चली आ रही उलझन को भी दूर कर दिया है। अब ओवरथ्रो तभी माना जाएगा, जब कोई फील्डर विकेट पर गेंद फेंके और वह गेंद विकेट से आगे निकल जाए। अगर फील्डर बाउंड्री के पास गेंद रोकने की कोशिश करता है और गेंद उसके हाथ से फिसलकर आगे चली जाती है, तो उसे ओवरथ्रो नहीं बल्कि मिसफील्ड माना जाएगा।

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इसी तरह डेड बॉल के नियम में भी बदलाव किया गया है। अब गेंद का गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा। अगर गेंद किसी भी फील्डर के पास आ जाए या मैदान पर रुक जाए और अंपायर को लगे कि अब रन संभव नहीं है, तो वह गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है।

लेमिनेटेड बैट को भी मिली मंजूरी

क्रिकेट में बल्लों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। MCC ने लेमिनेटेड या टाइप-डी बैट को ओपन एज क्लब क्रिकेट में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। ये बल्ले लकड़ी के दो या तीन टुकड़ों को जोड़कर बनाए जाते हैं और पारंपरिक सिंगल-पीस बल्लों की तुलना में सस्ते होते हैं।
हालांकि यह मंजूरी केवल ओपन एज क्लब क्रिकेट तक सीमित रहेगी, जहां उम्र की कोई सीमा नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय और उच्च स्तर के प्रोफेशनल क्रिकेट में फिलहाल पारंपरिक बल्ले ही मान्य रहेंगे।

हिट विकेट के नियम को किया गया और साफ

हिट विकेट के मामलों में होने वाले भ्रम को दूर करने के लिए MCC ने नियमों को और स्पष्ट किया है। अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद संतुलन खो देता है और खुद ही स्टंप्स पर गिर जाता है, तो उसे आउट माना जाएगा, चाहे गेंद कितनी ही दूर क्यों न चली गई हो।
लेकिन अगर बल्लेबाज किसी फील्डर से टकराता है और उसी वजह से स्टंप्स गिरते हैं, तो वह हिट विकेट आउट नहीं होगा। वहीं अगर बल्लेबाज के हाथ से बल्ला छूटकर सीधे स्टंप्स पर लग जाता है, तो वह आउट माना जाएगा।

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महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए गेंदों के नए मानक

MCC ने महिला और जूनियर क्रिकेट को ध्यान में रखते हुए गेंदों के लिए तीन अलग-अलग साइज तय किए हैं, MCC ने साफ किया है कि तीनों साइज की गेंदों में गुणवत्ता और सुरक्षा के मानक समान रहेंगे।

साइज-1 गेंद वही रहेगी जो अब तक पुरुष क्रिकेट में इस्तेमाल होती रही है।
साइज-2 गेंद महिला क्रिकेट और बड़े जूनियर खिलाड़ियों के लिए होगी, जो थोड़ी हल्की और छोटी होगी।
साइज-3 गेंद छोटे बच्चों के लिए तय की गई है, जिससे उन्हें खेल सीखने में आसानी हो।

 

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 4 February 2026, 4:58 PM IST

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