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उत्तर प्रदेश की एसटीएफ टीम के हाथ एक बार फिर कामयाबी लगी है। एसटीएफ की टीम ने पेट्रोल की अवैध सप्लाई करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। कई सारी महंगी चीजें बरामद की गई है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट
गिरफ्तार अभियुक्त राजेन्द्र पाल
Lucknow/Kannauj: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की टीम के हाथ फिर एक बार बड़ी सफलता लगी है। पेट्रोल में एथेनॉल और साल्वेंट केमिकल मिलाकर मिलावटी पेट्रोल की अवैध सप्लाई करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। साथ ही एक गिरोह के सदस्य को दबोचा भी गया है।
स्पेशल टास्क फोर्स की टीम की कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अपमिश्रित पेट्रोल, एथेनॉल साल्वेंट, वाहन और उपकरण बरामद किए गए हैं। STF की यह कार्रवाई 4 फरवरी 2026 की तड़के कानपुर–अलीगढ़ हाईवे के पास कन्नौज जिले में की गई।
STF के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राजेन्द्र पाल पुत्र स्व. चन्द्रपाल के रूप में हुई है। जोकि मूलरूप से रतनपुर थाना पनकी जिला कानपुर का रहने वाला है। उसके कब्जे से एक टैंकर में करीब 20,000 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल, 600 लीटर अतिरिक्त मिलावटी पेट्रोल ड्रमों में, 245 लीटर एथेनॉल साल्वेंट, एक महिंद्रा पिकअप, जनरेटर पंप, पाइप, कीप, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
STF को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कानपुर–अलीगढ़ हाईवे के पास यश ढाबे के पीछे खुले मैदान में पेट्रोल टैंकरों से पेट्रोल निकालकर उसमें साल्वेंट केमिकल मिलाया जाता है। इसके बाद उसी टैंकर में मिलावटी पेट्रोल भरकर अलग-अलग जिलों में सप्लाई की जाती थी। इसी सूचना के आधार पर STF टीम ने आबकारी और पूर्ति विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई की।
मौके पर टैंकर की जांच के दौरान तीक्ष्ण गंध वाला ज्वलनशील ईंधन पाया गया। आबकारी और पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने नमूने लेकर क्षेत्रीय प्रयोगशाला भेजे, जहां जांच रिपोर्ट में एथेनॉल साल्वेंट की पुष्टि हुई। इसके बाद अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने खुलासा किया कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसका सरगना अमित पाल निवासी कन्नौज है। गिरोह के सदस्य सौरभ यादव, धर्मराज और हंसराज पाल के जरिए कन्नौज, कानपुर, लखनऊ समेत आसपास के जिलों में 80–85 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलावटी पेट्रोल की सप्लाई करते थे। केमिकल 30 रुपये प्रति लीटर की दर से मंगाया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।