‘लाइसेंस किसी का, टेस्ट दे रहा था कोई और’, RTO में फर्जीवाड़ा पड़ा भारी, ‘मुन्नाभाई’ गिरफ्तार

बदायूं में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आयोजित टेस्ट में आवेदक की जगह दूसरे व्यक्ति के परीक्षा देने का मामला सामने आया। ऑटोमेटेड ट्रैक पर बायोमेट्रिक और फोटो वेरिफिकेशन के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 22 August 2026, 7:01 PM IST
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Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में फर्जीवाड़ा करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर एक व्यक्ति के स्थान पर दूसरे व्यक्ति द्वारा टेस्ट देने की कोशिश को सतर्क सुपरवाइजर ने नाकाम कर दिया।

सुनील की जगह फिरोज दे रहा था टेस्ट

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज बिल्सी रोड स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के ऑटोमेटेड ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान आवेदन संख्या 3829276226 का आवेदक सुनील कुमार पुत्र महावीर सिंह टेस्ट देने के लिए उपस्थित हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुनील कुमार को ठीक से वाहन चलाना भी नहीं आता था, जिसके चलते उसने अपने स्थान पर दूसरे व्यक्ति को टेस्ट देने के लिए भेज दिया। उसके स्थान पर फिरोज पुत्र मुनव्वर नामक व्यक्ति ऑटोमेटेड ट्रैक पर टेस्ट दे रहा था।

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सुनील की जगह फिरोज दे रहा था टेस्ट

ऑटोमेटेड ट्रैक पर तैनात सुपरवाइजर को टेस्ट के दौरान बायोमेट्रिक मिलान और फोटो वेरिफिकेशन में व्यक्ति संदिग्ध प्रतीत हुआ। शक होने पर जब उसके प्रपत्रों की गहनता से जांच की गई, तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जांच में स्पष्ट हो गया कि सुनील के स्थान पर फिरोज नाम का व्यक्ति टेस्ट पास कराने की कोशिश कर रहा था।

प्रवर्तन दल ने दोनों को पकड़ा

मामले की सूचना तुरंत प्रवर्तन दल को दी गई। प्रवर्तन दल की मदद से दोनों व्यक्तियों को पकड़ कर उप संभागीय परिवहन कार्यालय, बदायूँ लाया गया। वहां अधिकारियों द्वारा दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई।

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बाद में दोनों के परिजनों को कार्यालय बुलाकर सूचना दी गई। परिजनों ने अधिकारियों से माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की बात कही। दोनों व्यक्तियों द्वारा लिखित में माफीनामा / क्षमा याचना पत्र देने के बाद मानवीय आधार पर उन्हें उनके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया।

बायोमेट्रिक और कैमरे से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऑटोमेटेड ट्रैक पर बायोमेट्रिक और कैमरे की निगरानी के कारण अब फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि लाइसेंस के लिए किसी भी प्रकार के फर्जी तरीके न अपनाएं, स्वयं प्रशिक्षण लेकर ही टेस्ट दें।

Location :  Budaun

Published :  22 August 2026, 7:01 PM IST

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