Bareilly: देखते ही देखते आग की लपटों में घिरा मकान, बाहर नहीं निकल पाईं लकवाग्रस्त द्रोपदी देवी

बरेली के रहटुईया गांव में मकान में भीषण आग लगने से 65 वर्षीय लकवाग्रस्त महिला की मौत हो गई। पड़ोसियों ने छत के रास्ते बहू और चार बच्चों को सुरक्षित बचाया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 6 November 2026, 3:59 PM IST
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Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला थाना क्षेत्र के रहटुईया गांव में मकान में लगी भीषण आग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। आग की चपेट में आने से 65 वर्षीय लकवाग्रस्त द्रोपदी देवी की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं, मकान की दूसरी मंजिल पर फंसी उनकी बहू और चार बच्चों को पड़ोसियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

चंद मिनटों में आग की लपटों से घिरा मकान

मामला आंवला थाना क्षेत्र का है जहां आंवला रेलवे स्टेशन के पास स्थित रहटुईया गांव में अचानक एक मकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिससे मकान के निचले हिस्से में रह रहीं द्रोपदी देवी लकवाग्रस्त होने के कारण समय रहते बाहर नहीं निकल सकीं और आग की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

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बच्चों के शोर मचाने पर बहू को हुई जानकारी

मृतका की बहू रमन कश्यप ने बताया कि वह मकान की दूसरी मंजिल पर अपने चार बच्चों के साथ रहती हैं। घटना के समय वह रसोई में सब्जी बना रही थीं। इसी बीच वह बाथरूम चली गईं। तभी बाहर खेल रहे बच्चों ने आग लगने का शोर मचाया। बाहर आकर देखा तो मकान चारों ओर से आग की लपटों में घिर चुका था। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दूसरी मंजिल पर लगी लोहे की ग्रिल में करंट आने के कारण बाहर निकलने का रास्ता भी बन्द हो गया था।

पड़ोसी बने मददगार, छत के रास्ते बचाई पांच जिंदगियां

आग के बीच फंसी रमन कश्यप और उनके चार बच्चों को बचाने के लिए पड़ोसी आगे आए। उन्होंने छत के रास्ते सभी को पास के दूसरे मकान में सुरक्षित पहुंचाया। इस दौरान 13 वर्षीय इशिता, नौ वर्षीय रुद्राक्षी, पांच वर्षीय लक्ष्य और दो वर्षीय हिमांशी को सुरक्षित निकाल लिया गया। सबसे छोटी बच्ची हिमांशी को उसकी बड़ी बहन अपने साथ लेकर बाहर आई। हालांकि, मकान के निचले हिस्से में मौजूद द्रोपदी देवी को नहीं बचाया जा सका। वह लकवे से पीड़ित थीं और वॉकर के सहारे ही चल पाती थीं।

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गृहस्थी भी राख, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में मकान के अंदर रखा घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। आग बुझने के बाद घर में तबाही का मंजर दिखाई दिया। एक ओर परिवार ने बुजुर्ग सदस्य को खो दिया, वहीं दूसरी ओर गृहस्थी का सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

हादसे के बाद सीओ आंवला हेमंत उपाध्याय, एसडीएम सुशील मिश्रा और मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ हेमंत उपाध्याय के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। एसडीएम सुशील मिश्रा ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

Location :  Bareilly

Published :  6 November 2026, 3:59 PM IST

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