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धोनी से बड़े धुरंधर हैं विराट कोहली (Img: AI Generated)
New Delhi: जब भी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों की बात की जाती है, तो इसमें महेंद्र सिंह धोनी, सौरव गांगुली और विराट कोहली के नाम जरूर आते हैं। जहां धोनी ने भारत को तीन बड़ी ICC ट्रॉफियाँ जिताईं, वहीं टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली का अपना अलग अंदाज देखने को मिलता है। एक भारतीय टेस्ट कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम है। लेकिन इसमें दिलचस्प बात यह है कि कोई भी ICC ट्रॉफी न जीतने के बाद भी कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसी अमिट छाप छोड़ी है, जिसकी चर्चा आज भी है।
विराट कोहली की कप्तानी की असली झलक पहली बार अगस्त 2015 में देखने को मिली। जब श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में, भारत पहला मैच हार गया था और दूसरे मैच में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में, सीरीज को जीतना कोई आसान काम नहीं था।
हालांकि, भारतीय टीम ने तीसरे टेस्ट में शानदार वापसी करते हुए अपनी पहली पारी में 312 रन बनाए और श्रीलंका को 201 रन पर समेट दिया। जबकि दूसरी पारी में भारत ने 274 रन बनाए और विपक्षी टीम के सामने जीत के लिए 374 रनों का लक्ष्य रख दिया। अश्विन और इशांत शर्मा की बेहतरीन गेंदबाजी के बल पर भारत ने यह मैच 117 रनों से जीत लिया।
भारत ने 22 साल में पहली बार श्रीलंका में कोई टेस्ट सीरीज जीती।
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जानकारी के अनुसार, विराट कोहली की कप्तानी की कहानी 2014-15 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान आकार लेने लगी थी। महेंद्र सिंह धोनी को चोट लगने के कारण एडिलेड टेस्ट के लिए कप्तानी विराट कोहली को सौंप दी गई। उन्होंने पहली पारी में 115 रन बनाए और दूसरी पारी में शानदार 141 रनों की पारी खेली।
हालाँकि भारत यह मैच 48 रनों से हार गया, लेकिन कोहली ने यह साफ कर दिया कि वह एक ऐसे कप्तान हैं जो जीत के लिए आखिरी गेंद तक लड़ेंगे। मेलबर्न टेस्ट के बाद, धोनी ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। इसके बाद, विराट कोहली ने टेस्ट टीम की पूरी कमान संभाली।
विराट कोहली की कप्तानी में, भारतीय टेस्ट टीम ने धीरे-धीरे अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद, सबसे बड़ी उपलब्धि 2018-19 में मिली। जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर चार टेस्ट मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया, यह पहली बार था जब किसी एशियाई कप्तान के नेतृत्व में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज जीती थी।
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क्रिकेटर विराट कोहली के नेतृत्व में, भारतीय टीम ने घरेलू मैदानों पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और लगातार 11 टेस्ट सीरीज जीतीं। 2017 से 2021 तक, भारतीय टीम लगातार पांच सालों तक टेस्ट रैंकिंग में नंबर-एक स्थान पर रही।
विराट कोहली ने 2021 में टेस्ट कप्तानी छोड़ दी। उनके नेतृत्व में भारत ने 68 टेस्ट मैच खेले, जिनमें से 40 में जीत हासिल की, 17 में हार का सामना करना पड़ा और 11 मैच ड्रॉ रहे, यानी जीत का प्रतिशत लगभग 58.8% रहा। कोहली की कप्तानी में भारत कोई ICC ट्रॉफी तो नहीं जीत सका, लेकिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में टीम की एक अलग पहचान जरूर बनाई।
Location : New Delhi
Published : 6 November 2026, 3:20 PM IST