मृतक के नाम पर चलता रहा गैस का काला खेल! बलरामपुर में एजेंसी कर्मचारियों की करतूत सुन उड़ जाएंगे होश

बलरामपुर में गैस एजेंसी से जुड़ा ऐसा खेल सामने आया है जिसने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। मृतक के नाम पर चल रहे कनेक्शन में अचानक हुए बदलाव ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। जांच आगे बढ़ी तो कई चौंकाने वाले राज खुलते चले गए।

Balrampur: बलरामपुर में रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली देहात पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों और रिकॉर्ड में हेरफेर कर गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैस एजेंसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था और मृतक उपभोक्ताओं के कनेक्शन तक का इस्तेमाल अवैध गैस सप्लाई के लिए किया जा रहा था।

मृतक के कनेक्शन पर बदल दिया मोबाइल नंबर

जानकारी के मुताबिक हरिहरगंज बाजार निवासी अरसद अली ने अपने दिवंगत पिता के नाम दर्ज गैस कनेक्शन को अपने नाम कराने के लिए सेखुई कला स्थित यादव भारत गैस ग्रामीण वितरण एजेंसी में आवेदन किया था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान एजेंसी के कर्मचारियों और संचालकों ने मिलकर बड़ा फर्जीवाड़ा कर दिया।

पीड़ित का आरोप है कि उसके पिता के रिकॉर्ड में बिना जानकारी दिए हिमांशु कसौधन नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया गया। इसके बाद उसी नंबर पर ओटीपी भेजकर गैस सिलेंडरों का अवैध उठान शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस तरीके से कई सिलेंडर ब्लैक में बेचे गए और उपभोक्ता को इसकी भनक तक नहीं लगी।

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शिकायत के बाद खुला पूरा मामला

जब पीड़ित को मामले की जानकारी हुई तो उसने प्रशासन और पूर्ति विभाग से शिकायत की। शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की, जिसमें रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली देहात पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस टीम ने तफ्तीश के दौरान बैजपुर निवासी एजेंसी कर्मचारी अजय वर्मा और रूपेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिससे पूरे नेटवर्क के बड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

पूछताछ में आरोपियों ने खोले कई राज

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार कर्मचारियों ने बताया कि बाजार में गैस सिलेंडरों की भारी मांग और किल्लत का फायदा उठाकर वे मोटी कमाई कर रहे थे। आरोपियों ने कबूल किया कि वे पुरानी पासबुक और उपभोक्ता डेटा में कंप्यूटर के जरिए बदलाव कर मोबाइल नंबर बदल देते थे। इसके बाद ओटीपी के माध्यम से सिलेंडर निकालकर उन्हें ब्लैक में बेच दिया जाता था।

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आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह का फर्जीवाड़ा केवल एक उपभोक्ता तक सीमित नहीं था, बल्कि कई लोगों के रिकॉर्ड में बदलाव कर कालाबाजारी की गई है। पुलिस अब ऐसे अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस

पुलिस ने गिरफ्तार दोनों कर्मचारियों को जेल भेज दिया है। वहीं एजेंसी संचालकों और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। लोग अब अपने गैस कनेक्शन और रिकॉर्ड की भी जांच कराने लगे हैं, ताकि कहीं उनके नाम पर भी कोई फर्जीवाड़ा तो नहीं हो रहा।

Location :  Balrampur

Published :  18 May 2026, 6:23 PM IST

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