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डाइनामाइट न्यूज के दफ्तर में पहुंचे दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी संजय मिश्रा
New Delhi:आज की पत्रकारिता में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आप समाज, बाजार और युवाओं की सोच को किस दिशा में ले जा रहे हैं। हमारी पीढ़ी अक्सर मानती थी कि जो हम सोच रहे हैं वही अंतिम सत्य है, लेकिन समय के साथ समझ आया कि नई पीढ़ी हमसे कहीं आगे सोच रही है।
टैलेंट को सही दिशा देने की जरूरत
पहले अंग्रेजी सीखना भी बड़ी बात मानी जाती थी। गांव में “Hen” और “Goat” बोल देने पर लोग प्रभावित हो जाते थे। लेकिन आज के बच्चे बहुभाषी हैं। वे हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और भोजपुरी सब जानते हैं। उनमें टैलेंट बहुत है, लेकिन उस टैलेंट को सही दिशा देने की जरूरत है।
दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी संजय मिश्रा का स्वागत
पत्रकारिता में सबसे जरूरी चीज
सिर्फ अच्छी बातें करना काफी नहीं होता। विचार तब मायने रखते हैं जब वे व्यवहार में उतरें। पत्रकारिता में सबसे जरूरी चीज है आलोचना को स्वीकार करना। ऐसे लोगों से सावधान रहिए जो बिना पढ़े, बिना समझे सिर्फ “बहुत अच्छा” कह देते हैं। असली साथी वही होता है जो आपकी कमी बताने का साहस रखता हो। अपनी आलोचना को आमंत्रित कीजिए, क्योंकि वही आपको बेहतर बनाती है और सही रास्ता दिखाती है।
पत्रकारिता का कौशल क्या है?
आज तकनीक ने पत्रकारिता को बहुत आसान बना दिया है। पहले खबर भेजने के लिए फैक्स, ट्रंक कॉल और घंटों संघर्ष करना पड़ता था। आज मोबाइल से लाइव किया जा सकता है। लेकिन असली सवाल यह है कि आप खबर को दूसरों से अलग कैसे पेश करते हैं। आपकी पत्रकारिता का कौशल क्या है।
दुनिया को बदलने से पहले इंसान को बदलना होगा-आचार्य लोकेश मुनि
इतने संसाधनों के बावजूद एक बात हमेशा याद रखिए कि हर पत्रकार के हाथ में हर समय एक किताब जरूर होनी चाहिए। किताबें आपकी सोच और व्यक्तित्व को सबसे ज्यादा मजबूत बनाती हैं। पत्रकारिता सिर्फ खबर लिखना नहीं है, बल्कि इतिहास को दर्ज करना भी है।
Location : New Delhi
Published : 18 May 2026, 7:23 PM IST