UP Panchayat Election 2027: पंचायत चुनाव के लिए कब होगी वोटिंग? कैबिनेट बैठक के बाद बड़ा आया अपडेट

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों में लगने वाले समय के कारण पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। इससे पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था लागू हो सकती है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 18 May 2026, 6:10 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। राज्य सरकार द्वारा पंचायत चुनाव के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का फैसला लिए जाने के बाद यह माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जा सकेंगे।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन जरूरी है। सोमवार को कैबिनेट ने आयोग के गठन को मंजूरी दे दी। अब आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद सीटों का आरक्षण तय करने में करीब दो महीने और लगेंगे।

इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगभग 35 से 40 दिनों की आवश्यकता होगी। यानी पूरी प्रक्रिया में नौ महीने से अधिक का समय लग सकता है। ऐसे में जब तक पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी होंगी, तब तक प्रदेश में विधानसभा चुनाव का माहौल बन चुका होगा।

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फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव की संभावना

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि फरवरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो सकता है। इसके बाद मार्च में मतगणना और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी होगी। ऐसे में मार्च से पहले पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव अप्रैल महीने में चार चरणों में कराए गए थे। उस समय 15, 19, 26 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, जबकि दो मई को मतगणना कराई गई थी। ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 26 मई को हुई थी, जबकि क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों की बैठकें जुलाई में आयोजित हुई थीं। अब नई परिस्थितियों में पंचायत चुनाव करीब एक साल तक टल सकते हैं। इससे प्रदेश की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था लागू करनी पड़ सकती है।

पंचायतों का कामकाज संभाल सकते हैं प्रशासक

सूत्रों के मुताबिक अगर विधानसभा चुनाव के बाद तुरंत पंचायत चुनाव कराए भी जाते हैं, तब भी नई पंचायतों की पहली बैठक मई-जून तक ही संभव हो पाएगी। ऐसे में पंचायतों का पूरा चुनावी चक्र लगभग एक साल देरी से पूरा होगा।

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इस बीच पंचायतों का कामकाज प्रशासक या प्रशासक समिति के हाथों में रह सकता है। वर्तमान में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई, क्षेत्र पंचायतों का 19 जुलाई और जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। उधर सरकार हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में भी अपना पक्ष रखने की तैयारी में है। आयोग के गठन को लेकर चल रही सुनवाई की अगली तारीख 19 मई तय की गई है। पंचायत चुनाव में संभावित देरी को लेकर अब प्रदेश में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

Location :  Lucknow

Published :  18 May 2026, 6:10 PM IST

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