Kanpur News: समय पर नहीं हुई सर्विस, 35 यात्रियों से भरी चलती बस के टायर में लगी आग, टला बड़ा हादसा

कानपुर-उन्नाव रूट पर समय से सर्विस न होने के कारण एक ई-बस के टायर का लेदर जाम हो गया, जिससे चलती बस में अचानक धुआं और आग की चिंगारी उठने लगी। 35 यात्रियों से भरी बस को रोककर टला बड़ा हादसा। जानिए डिपो की इस लापरवाही की पूरी खबर।

Updated : 17 May 2026, 8:40 PM IST
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Kanpur: भीषण गर्मी के इस सीजन में कानपुर इलेक्ट्रिक बस सेवा की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। उन्नाव से कानपुर के बड़ा चौराहा लौट रही 35 यात्रियों से भरी एक ई-बस (यूपी-78-जीटी-4476) अचानक आग की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। बस के पिछले टायर के पास से अचानक भयंकर धुआं और चिंगारी उठने लगी, जिससे बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि चालक और परिचालक की सूझबूझ से बस को समय रहते रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया। यह पूरी घटना अकरमपुर के पास सुबह करीब 11:07 बजे की है।

महिला यात्री को आई दुर्गंध, पीछे की चेचिस से उठ रहा था धुआं

बस चालक सर्वेश सिंह और परिचालक सचिन सविता ने बताया कि घटना के वक्त बस में बच्चों और महिलाओं समेत कुल 35 यात्री सवार थे। बस अभी अकरमपुर के पास पहुंची ही थी कि परिचालक पीछे की सीट पर यात्रियों के टिकट काट रहा था। वह अभी सिर्फ चार टिकट ही काट पाया था कि तभी एक महिला यात्री ने तेजी से कुछ जलने की दुर्गंध आने की शिकायत की।

दुर्गंध की बात सुनते ही परिचालक ने तुरंत चालक से गाड़ी रुकवाई। जब दोनों ने नीचे उतरकर देखा तो उनके होश उड़ गए; बस के पिछले टायर के नीचे चेचिस वाले हिस्से से भयंकर धुआं निकल रहा था और आग सुलग चुकी थी। यात्रियों को आनन-फानन में बस से नीचे उतारा गया और बाद में उन्हें दूसरी बस से गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

फायर एक्सटिंग्विशर भी हुए फेल, दमकल विभाग ने 4 मिनट तक की बौछार

आग की सुगबुगाहट देख परिचालक सचिन ने हिम्मत दिखाते हुए बस में रखे दोनों फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्रों) से टायर पर छिड़काव किया, लेकिन धुआं बंद नहीं हुआ। इसके बाद तुरंत यूपी-112 पुलिस और फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। साथ ही रामादेवी के संजीव नगर स्थित डिपो सुपरवाइजर को भी फोन किया गया।

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सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। अग्निशमन दल के जवानों ने करीब चार मिनट तक लगातार बस के नीचे पानी की तेज बौछार की, तब जाकर धुआं निकलना बंद हुआ। हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी इमरजेंसी के बावजूद डिपो के तकनीकी कर्मी घटना के पूरे एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। प्राथमिक मरम्मत के बाद चालक बस को वापस रामादेवी डिपो ले गया।

टाइम पर सर्विस न होने से जाम हुआ लेदर

हादसे के बाद जब टेक्नीशियन ने बस की बारीकी से जांच की, तो एक चौंकाने वाला और डरावना सच सामने आया। टेक्नीशियन ने बताया कि बस की समय पर सर्विस (Maintenance) नहीं कराई गई थी। टाइम से सर्विस न होने के कारण टायर के पास का लेदर पूरी तरह जाम हो गया था, जिससे घर्षण (Friction) बढ़ा और भयंकर धुआं उठने लगा। अगर कुछ मिनट और बस न रुकती, तो टायर ब्लास्ट हो सकता था या पूरी बस धू-धू कर जल सकती थी।

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डिपो में खड़ी हैं बसें, बिना सर्विस के संचालन से मंडरा रहा खतरा

डिपो के चालक और परिचालकों ने मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ई-बस सेवा के बेड़े में कुल 100 बसें हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 85 बसों का ही संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते इन बसों की समय पर सर्विसिंग नहीं कराई जा रही है।

कर्मचारियों का कहना है कि पिछले साल गर्मी के सीजन में भी मेंटेनेंस के अभाव में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। इस बार भी आसमान से आग बरस रही है और बिना सर्विस वाली खटारा हो चुकी बसों को रूट पर दौड़ाया जा रहा है, जो यात्रियों और स्टाफ दोनों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।

Location :  kanpur

Published :  17 May 2026, 8:40 PM IST

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