Lucknow: देवरा बिल्डविल के डायरेक्टर पर ₹3.81 करोड़ की ठगी, जालसाजी और दफ्तर में बंधक बनाकर मारपीट का मुकदमा दर्ज

लखनऊ की देवरा बिल्डविल कंपनी के निदेशक शरद देवरा पर प्रयागराज के बिल्डर अमित राय से 3.81 करोड़ रुपये की ठगी, फर्जी हस्ताक्षर कर पद से हटाने और दफ्तर में मारपीट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है।

Updated : 17 May 2026, 8:08 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों (लखनऊ और प्रयागराज) के रीयल एस्टेट कारोबारियों के बीच पिछले साढ़े तीन साल से चल रहा व्यावसायिक रिश्ता अब बेहद संगीन मोड़ पर आ गया है। लखनऊ की एक नामचीन बिल्डर कंपनी के निदेशक पर 3 करोड़ 81 लाख रुपये की ठगी, जालसाजी, जाली दस्तावेज तैयार करने (फर्जीवाड़ा), मारपीट और सरेआम जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रयागराज की नगर कोतवाली पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के कड़े आदेश के बाद की है।

50% हिस्सेदारी और डायरेक्टर बनाने का दिया था झांसा

प्रयागराज के कचेहरी रोड निवासी और 'अरिहंत डेवलपर्स' के निदेशक अमित राय द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, जुलाई 2018 में उनकी मुलाकात लखनऊ के विवेक खंड (गोमती नगर) निवासी शरद देवरा से हुई थी। आरोप है कि शरद देवरा ने अमित राय को अपनी कंपनी 'देवरा बिल्डविल प्राइवेट लिमिटेड' में डायरेक्टर बनाने और बिजनेस में 50 फीसदी की पार्टनरशिप (हिस्सेदारी) देने का बड़ा झांसा दिया था।

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पत्नी और कंपनी के खातों से ट्रांसफर किए ₹3.81 करोड़

शरद देवरा के झांसे में आकर अमित राय ने शुरुआत में ₹50 लाख की भारी-भरकम रकम कंपनी के बैंक खाते में जमा कर दी। इसके बाद अगस्त 2018 से मार्च 2019 के बीच उन्होंने अपनी पत्नी रुचि सिंह और अपनी मूल कंपनी 'अरिहंत डेवलपर्स' के बैंक खातों से देवरा बिल्डविल कंपनी के खाते के साथ-साथ शरद देवरा और उनकी पत्नी श्रुति देवरा के व्यक्तिगत खातों में भी पैसे ट्रांसफर किए।

इस तरह अमित राय ने कुल 3 करोड़ 81 लाख रुपये का बड़ा निवेश कर दिया। इस दौरान उन्हें लगातार यह भरोसा दिया गया कि निवेश के अनुपात में उनके शेयर और हिस्सेदारी बढ़ती जाएगी।

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जाली दस्तखत कर डायरेक्टर पद से हटाया, हड़प लिए पैसे

पीड़ित अमित राय का आरोप है कि निवेश किए हुए काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो कोई मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। हद तो तब हो गई जब शरद देवरा ने अमित राय के फर्जी हस्ताक्षर (फर्जी साइन) बनाकर कूटरचित और जाली दस्तावेज तैयार कर लिए। इन जाली कागजातों का इस्तेमाल कर अमित राय को धोखे से कंपनी के निदेशक पद से भी हटा दिया गया।

जब अमित को इस बड़े जालसाजी के खेल का पता चला, तो उन्होंने अपने 3.81 करोड़ रुपये वापस मांगना शुरू कर दिया, जिसके बाद से दोनों पक्षों में विवाद गहरा गया।

दफ्तर में बुलाकर 15 लोगों ने पीटा, जान से मारने की धमकी

एफआईआर के अनुसार, बीती 7 फरवरी 2026 को हिसाब-किताब फाइनल करने के बहाने अमित राय को दारापुर स्थित कंपनी के कार्यालय में बुलाया गया था। आरोप है कि जैसे ही अमित राय वहां पहुंचे, शरद देवरा और उनके साथ पहले से मौजूद 10 से 15 अज्ञात गुंडों ने उन्हें घेर लिया। इन लोगों ने गाली-गलौज करते हुए अमित राय के साथ जमकर मारपीट की और दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित ने उस वक्त डायल 112 को फोन कर पुलिस भी बुलाई थी, लेकिन मौके पर पुलिस के पहुंचने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद पीड़ित ने अदालत (CJM कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया।

कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस: SHO

इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर नगर कोतवाली के एसएचओ (SHO) सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यह पूरा प्रकरण दो बड़े बिल्डर पक्षों के बीच हिस्सेदारी और करोड़ों रुपये के लेनदेन के विवाद से जुड़ा हुआ है।

सीजेएम (CJM) कोर्ट के आदेश पर शरद देवरा सहित अन्य के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब दोनों कंपनियों के बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और दस्तावेज खंगाल रही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जो भी साक्ष्य और तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Lucknow

Published :  17 May 2026, 8:08 PM IST

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