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अयोध्या राम मंदिर (फोटो सोर्स- Pinterest)
Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान राशि में हेरफेर के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तीन प्रमुख पदाधिकारी खुद ही ट्रस्ट से अलग हो सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, टिन्नू यादव सहित दान राशि की गणना करने वाले कर्मियों, रकम पार करने वाले कर्मचारियों और कुछ बैंक कर्मियों पर भी कानूनी शिकंजा कसने की पूरी तैयारी है। इन सभी पर केस दर्ज कर इन्हें जेल भेजा जा सकता है।
सूत्रों से संकेत मिले हैं कि इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, यह कार्रवाई एसआईटी (SIT) की जांच के दौरान होगी या फिर जांच पूरी होने के बाद, यह स्थिति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस मामले में जहां एक तरफ शातिर चोरों ने रकम पार की और कुछ लोगों ने साथ देकर आपस में बंदरबांट किया, वहीं दूसरी तरफ उन लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं जिन पर गिनती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और गड़बड़ी रोकने की जिम्मेदारी थी। लापरवाही बरतने के कारण इन जिम्मेदारों को भी हेरफेर का बड़ा दोषी माना जा रहा है।
दिल्ली से मिले अहम निर्देशों के तहत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत एक-दो अन्य पदाधिकारी खुद ही ट्रस्ट से अलग हो सकते हैं। इसके अलावा, निर्माण सहायक गोपाल राव का नाम भी इस सूची में शामिल हो सकता है। पदाधिकारियों के हटने के बाद यह संदेश दिया जा सकता है कि जिनकी भी लापरवाही रही, उन्हें पद से हटा दिया गया है।
इस मामले में जिन संदिग्धों को पकड़ा गया है और जिनके नाम चर्चा में आ रहे हैं, उन पर केस दर्ज किया जाना तय माना जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से टिन्नू यादव का नाम शामिल हो सकता है। इसके साथ ही, मामले में बैंक कर्मियों की भूमिका को भी बेहद संगीन माना जा रहा है, लिहाजा उन पर भी कानूनी कार्रवाई की पूरी संभावना है।
जांच टीम ने 22 जनवरी 2024 को हुई प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई सभी नई नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। आपको बता दें कि राम मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं को संभालने के लिए करीब 800 कर्मी तैनात हैं, जिनमें से लगभग 200 कर्मियों की नियुक्ति सीधे ट्रस्ट की ओर से की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच टीम ने मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की पूरी सूची तलब कर ली है। इसी बीच सुरक्षा से जुड़े एक ऐसे कर्मी का नाम भी सामने आया है जो पिछले 17 वर्षों से मंदिर में तैनात है। इस पुराने कर्मी की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। फिलहाल टीम सभी पुराने कर्मियों की तैनाती की अवधि, उनकी जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाने में लगी है।
Location : Ayodhya
Published : 20 June 2026, 8:07 AM IST