बलरामपुर के ‘पाक कनेक्शन’ से जुड़ी अयोध्या की कड़ी, शाहरोज के बाद सरफराज की संदिग्ध भूमिका पर ATS की नजर

बलरामपुर से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर ATS ने शाहरोज अहमद को कथित पाकिस्तान कनेक्शन और स्लीपर मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार किया है, वहीं अयोध्या में सरफराज खान से विस्फोटक सामग्री से जुड़ा दस्तावेज मिलने के बाद दोनों मामलों के संभावित संबंधों की जांच तेज कर दी गई है।

Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक ओर यूपी एटीएस ने हाल ही में गैंसड़ी क्षेत्र से शाहरोज अहमद को गिरफ्तार किया था, जिस पर पाकिस्तान से जुड़े कथित नेटवर्क के लिए काम करने और स्लीपर मॉड्यूल तैयार करने जैसे गंभीर आरोप हैं। वहीं दूसरी ओर अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले बलरामपुर निवासी सरफराज खान के पास से कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने से संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद जांच एजेंसियां अब दोनों मामलों के बीच किसी संभावित संबंध की पड़ताल कर रही हैं।

शाहरोज की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी सतर्कता

हाल ही में यूपी एटीएस ने बलरामपुर के गैंसड़ी इलाके से शाहरोज अहमद को गिरफ्तार किया था। एटीएस के अनुसार, उस पर आरोप है कि वह कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और देश में स्लीपर मॉड्यूल तैयार करने के साथ-साथ अवैध हथियार एवं विस्फोटक जुटाने की गतिविधियों में शामिल था।

उधारी का दंश और उजड़ गया हंसता-खेलता संसार, बलरामपुर में खौफनाक वारदात

अयोध्या में सामने आया दूसरा मामला

इसी बीच अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे बलरामपुर निवासी सरफराज खान का मामला सामने आया। जांच के दौरान उसके कब्जे से कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई, जिनमें तीव्र विस्फोट करने वाले रसायनों की संरचना और बम बनाने की विधि का उल्लेख बताया गया है।

क्या दोनों मामलों का कोई संबंध है?

अब केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियां इस संभावना की जांच कर रही हैं कि कहीं शाहरोज और सरफराज किसी साझा नेटवर्क, ऑनलाइन ग्रुप, कट्टरपंथी संगठन या सीमा पार बैठे कथित हैंडलर्स के संपर्क में तो नहीं थे। हालांकि, अब तक जांच एजेंसियों ने दोनों मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल इस पहलू की जांच जारी है।

सवारी बनकर आया, मालिक बनकर उड़ाया; बलरामपुर के शातिर ऑटो लिफ्टर के होश उड़ाने वाले कारनामे

डिजिटल गतिविधियों की हो रही जांच

सूत्रों के अनुसार, एटीएस की विशेष टीमें दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और स्थानीय संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।

हर पहलू की पड़ताल में जुटी एजेंसियां

सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ वित्तीय लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रही हैं। यदि जांच में किसी संगठित नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Balrampur

Published :  1 August 2026, 4:37 PM IST

Advertisement