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मथुरा के छाता में बाबा चंद्रशेखर की संदिग्ध मौत के बाद उग्र भीड़ ने दिल्ली हाईवे जाम कर पथराव किया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने मामला हादसा बताया है और हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर उग्र भीड़
Mathura: ईद की सुबह जहां लोग नमाज और खुशियों की तैयारी में जुटे थे, वहीं मथुरा में अचानक ऐसा बवाल भड़का जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। एक संत की संदिग्ध मौत की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते भीड़ ने कानून को अपने हाथ में ले लिया। दिल्ली हाईवे पर जाम, पथराव और चीख-पुकार के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर अफवाह और गुस्से का यह संगम कब थमेगा।
मथुरा के छाता इलाके में बाबा चंद्रशेखर महाराज, जिन्हें लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से भी जानते थे, की एक ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। इस घटना को लेकर इलाके में तुरंत आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोप लगाया कि यह महज हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है। गुस्साए लोगों ने बिना देर किए सड़क पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ ने दिल्ली हाईवे को जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भीड़ ने जाम में फंसे वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद लोग घबरा गए। कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि कुछ देर के लिए ऐसा लगा जैसे पूरा इलाका हिंसा की चपेट में आ गया हो। महिलाएं और बच्चे भी इस अफरा-तफरी में डर के साये में आ गए।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को काबू में करने की कोशिश की। लेकिन आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए। कुछ समय के लिए पुलिस को पीछे हटना पड़ा। हालांकि बाद में अतिरिक्त फोर्स बुलाकर स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। एक बार हालात शांत भी हुए, लेकिन थोड़ी ही देर बाद भीड़ ने फिर से पथराव शुरू कर दिया, जिससे तनाव लगातार बना रहा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और किसी को भी बख्शा न जाए। मथुरा बवाल पर आगरा रेंज डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने कहा कि मौत सड़क हादसे में हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है।
उधर, बाबा चंद्रशेखर का पार्थिव शरीर अजनोक गोशाला पहुंचने पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे छाता-बरसाना मार्ग पर फिर से जाम जैसे हालात बन गए। लोगों में बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा देखने को मिली, लेकिन इसी भीड़ और भावनात्मक माहौल ने प्रशासन के लिए स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
मामले को लेकर आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि बाबा की मौत एक सड़क हादसा है और इसमें किसी भी प्रकार की साजिश या गोतस्करी का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है, लेकिन अभी भी माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी तरह स्थिति को फिर से बिगड़ने से रोका जाए।