“पिता की अर्थी से पहले मकान चाहिए” कहते ही भिड़ गए चार बेटे, पूरी रात घर में रखा रहा शव

अमरोहा में एक बुजुर्ग की मौत के बाद जो होना चाहिए था, उसकी जगह कुछ ऐसा हुआ जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। अंतिम संस्कार से पहले ही चार बेटे पैतृक मकान को लेकर भिड़ गए और हालात ऐसे बने कि शव पूरी रात घर में ही रखा रहा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 21 July 2026, 5:32 PM IST
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Amroha: अमरोहा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों और पारिवारिक मूल्यों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नौगावां सादात कस्बे में एक बुजुर्ग की मौत के बाद जहां परिवार को उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी करनी थी, वहीं चारों बेटे पैतृक मकान के बंटवारे को लेकर आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि अंतिम संस्कार रोकना पड़ा और बुजुर्ग का शव पूरी रात घर में ही रखा रहा। आखिरकार अगले दिन पंचायत के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और अंतिम संस्कार कराया जा सका।

अंतिम विदाई से पहले शुरू हुई लड़ाई

जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग लंबे समय से बीमार थे और रविवार दोपहर उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था। परिवार में चार बेटे हैं, जो कस्बे में बने एक छोटे पैतृक मकान में अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे।मौत की खबर मिलते ही रिश्तेदार और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए। घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं और तिगरी गंगा घाट ले जाने की तैयारी हो रही थी। इसी दौरान मकान के स्वामित्व और बंटवारे को लेकर भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

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बात इतनी बढ़ी कि पुलिस बुलानी पड़ी

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक बेटे ने पूरे मकान पर अपना अधिकार जताते हुए पुलिस को बुला लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी पक्षों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी अपनी बात से पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ। विवाद बढ़ने के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोक दी गई। रिश्तेदार भी मायूस होकर लौटने लगे और बुजुर्ग का शव पूरी रात घर में ही रखा रहा। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में होती रही।

पंचायत ने निकाला बीच का रास्ता

सोमवार सुबह भी जब विवाद खत्म नहीं हुआ तो मोहल्ले के लोगों और जिम्मेदार नागरिकों ने पहल की। इसके बाद पंचायत बुलाई गई, जिसमें सभी पक्षों की बात सुनी गई। पंचायत ने फैसला दिया कि सबसे पहले दिवंगत बुजुर्ग का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाए। मकान के बंटवारे का विवाद बाद में आपसी सहमति या कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जाएगा। पंचायत के इस निर्णय पर सभी भाई सहमत हो गए।

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दोपहर में उठी अर्थी

पंचायत का फैसला मानने के बाद सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बुजुर्ग की अर्थी घर से उठी और तिगरी गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि पिता की मौत के तुरंत बाद संपत्ति को लेकर बेटों के बीच हुए विवाद ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। इस मामले को लेकर जब अधिकारियों से जानकारी ली गई तो सीओ अवधभान भदौरिया ने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं है।

Location :  Amroha

Published :  21 July 2026, 5:32 PM IST

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