गरीबों की मुफ्त दवाओं पर डाका! आखिर कहां गायब हो रही है सरकारी दवाइयां? सामने आया चौंकाने वाला सच

आगरा में औषधि विभाग की छापेमारी में सरकारी अस्पतालों की सप्लाई वाली दवाओं और इंजेक्शनों पर ‘नॉट फॉर सेल’ हटाकर नए लेबल लगाकर बेचने का बड़ा घोटाला सामने आया है। कई घरों और गोदामों से लाखों रुपये की दवाएं जब्त हुईं, जबकि कई कारोबारियों पर एफआईआर दर्ज हुई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 16 June 2026, 12:21 PM IST
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Agra: आगरा में सरकारी अस्पतालों के लिए आपूर्ति होने वाली दवाओं और इंजेक्शनों को बाजार में बेचने का बड़ा खेल उजागर हुआ है। औषधि विभाग की लगातार तीन दिनों तक चली छापेमारी में कई घरों और अवैध गोदामों से लाखों रुपये की संदिग्ध दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि सरकारी सप्लाई पर लिखे ‘नॉट फॉर सेल’ और ‘गवर्नमेंट सप्लाई’ जैसे शब्दों को केमिकल से हटाकर उन पर नए लेबल और कीमतें लगाई जा रही थीं।

घर से चल रहा था अवैध दवा कारोबार

औषधि विभाग की टीम ने रविवार को ब्राइट फार्मा के संचालक मनीष पंजवानी उर्फ सन्नी के दयालबाग स्थित राहुल विहार आवास पर छापा मारा। यहां बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण किया जा रहा था। जांच में ट्रिनबेलिमैब एंटी-डी इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन मिले, जिनकी आपूर्ति सरकारी अस्पतालों में होती है।

टीम ने पाया कि इंजेक्शन के पैकेट और वायल से ‘नॉट फॉर सेल’ तथा ‘गवर्नमेंट सप्लाई’ की मार्किंग हटाकर नए मूल्य प्रिंट किए गए थे। इसके अलावा इंसुलिन ग्लार्गिन इंजेक्शन भी बरामद हुए, जिन्हें निर्धारित तापमान में नहीं रखा जा रहा था। करीब 5.20 लाख रुपये मूल्य के इंजेक्शन और दवाएं जब्त की गईं।

अवैध गोदामों से लाखों का स्टॉक बरामद

नवाबिया मार्केट स्थित एक थोक दवा दुकान से पांच संदिग्ध दवाएं मिलीं, जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, बोहरे राम मार्केट में सुमित गुप्ता के अवैध गोदाम से 15 लाख रुपये की सैंपल दवाएं बरामद हुईं।

माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स और जैन कॉम्प्लेक्स में सुमित माधवानी के अवैध गोदामों से लगभग 12 लाख रुपये मूल्य की सैंपल दवाएं मिलीं। इन दवाओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।

निरस्त लाइसेंस पर चल रहा था कारोबार

औषधि विभाग ने सीएफ एंटरप्राइजेज और गौरव मेडिको पर भी कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि गौरव मेडिको का गोदाम लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद संचालित किया जा रहा था। यहां से करीब 40 लाख रुपये की दवाएं बरामद कर सीज कर दी गईं।

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कई कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर

मई माह में ज्योति ड्रग हाउस और श्री मेडिकल एजेंसी से लगभग 3 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं बरामद होने के बाद कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अब इस मामले में मनीष पंजवानी, सुमित माधवानी और सुमित गुप्ता के खिलाफ भी थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।

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अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई

औषधि विभाग ने पोरवाल मेडकेयर, हारे का सहारा एंटरप्राइजेज, सर्वेश्वर फार्मा, साईं कृपा डिस्ट्रीब्यूटर और माधव कृपा एजेंसी समेत कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए हैं। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Agra

Published :  16 June 2026, 12:21 PM IST

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