एलन मस्क का दावा: 20 साल में इंसानी दिमाग Optimus में अपलोड होगा, जानें कैसे?
एलन मस्क ने दावा किया है कि भविष्य में इंसान अपनी सोच और यादें Tesla के Optimus ह्यूमनॉइड रोबोट में अपलोड कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि Neuralink जैसी तकनीकें अगले 20 वर्षों में डिजिटल माइंड ट्रांसफर को संभव बनाएंगी। मस्क ने Optimus को दुनिया से गरीबी खत्म करने वाला तकनीकी समाधान भी बताया।
New Delhi: Tesla के CEO एलन मस्क हमेशा से तकनीकी दुनिया में क्रांतिकारी विचार रखते आए हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जो कल्पना पेश की, उसने विज्ञान और भविष्य की तकनीक को लेकर बहस छेड़ दी है। हाल ही में Tesla की शेयरहोल्डर मीटिंग में मस्क ने कहा कि आने वाले समय में इंसान अपनी सोच, यादें और व्यक्तित्व को Tesla के ह्यूमनॉइड रोबोट Optimus में ट्रांसफर कर सकेंगे। मस्क का दावा है कि यह तकनीक अगली दो दशक यानी लगभग 20 साल में संभव हो सकती है।
Optimus में इंसानी दिमाग?
मीटिंग के दौरान जब मस्क से पूछा गया कि क्या कभी Optimus रोबोट में Human Brain Upload करना संभव होगा, तो उन्होंने कहा कि यह तुरंत नहीं होगा, लेकिन भविष्य में Neuralink जैसी तकनीकें इस दिशा में बड़ी प्रगति करेंगी। मस्क ने कहा कि किसी इंसान के दिमाग का एक “Digital Mind Snapshot” तैयार कर उसे रोबोटिक शरीर में डालना विज्ञान की पहुंच से अब बहुत दूर नहीं है। यानी भविष्य में एक व्यक्ति का डिजिटल संस्करण Optimus जैसे रोबोट में जीवित रह सकता है।
मस्क के बयान ने ‘Digital Immortality’ यानी डिजिटल अमरता की चर्चा फिर से तेज कर दी है। उनका कहना है कि यह ट्रांसफर व्यक्ति की परफेक्ट कॉपी नहीं होगा, बल्कि मानव दिमाग का एक ‘करीबी डिजिटल वर्जन’ होगा। मस्क ने एक दिलचस्प तर्क भी दिया कि “5 साल पहले आप जैसे थे, आज वैसे नहीं हैं। आपका सोचने का तरीका, यादें और व्यक्तित्व हर समय बदलते रहते हैं।”
Tesla का Optimus ह्यूमनॉइड रोबोट पहली बार 2021 में सामने आया था। इसे दोहराए जाने वाले, थकाऊ और खतरनाक कामों के लिए डिजाइन किया गया है।
Optimus की प्रमुख विशेषता
ऊंचाई: 5 फीट 8 इंच
वजन: 56 किलो
कार्यक्षमता: चलना, सामान उठाना, संतुलन बनाना, रोजमर्रा के साधारण कार्य
दिमाग: Tesla के AI सिस्टम पर आधारित, वही तकनीक जो सेल्फ-ड्राइविंग कारों को शक्ति देती है
Optimus + Neuralink = भविष्य का साइबोर्ग संसार?
मस्क का कहना है कि Neuralink और Optimus के संयुक्त विकास से भविष्य में इंसान का मानसिक डेटा + रोबोटिक शरीर का मॉडल तैयार किया जा सकता है। यानि जब व्यक्ति का जैविक शरीर कमजोर हो जाए या समाप्त हो जाए, तब भी उसका डिजिटल वर्ज़न Optimus में जीवित रह सकता है।
रोबोट करेगा दुनिया का काम
मस्क यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि Optimus वैश्विक गरीबी को कम करने में भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार जब रोबोट दुनिया के ज्यादातर शारीरिक और दोहराए जाने वाले कार्य संभाल लेंगे, तो इंसान रचनात्मकता, शिक्षा, शोध और नवाचार पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
Optimus को बनाना ‘Mass Market Product’
Tesla Optimus को लंबे समय में इतना सस्ता बनाना चाहता है कि वह आम घरों में उपयोग हो सके। यदि यह कार्य सफल हुआ, तो घरेलू काम रोबोट करेंगे। उद्योगों में मानव श्रम की जरूरत घटेगी। वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल में मदद मिलेगी। उत्पादकता में तेज़ वृद्धि होगी। मस्क का दावा है कि अगले 10-15 वर्षों में दुनिया भर में करोड़ों Optimus रोबोट सक्रिय हो सकते हैं।