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फोल्डेबल स्मार्टफोन दिखने में प्रीमियम होते हैं, लेकिन इनकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है। आखिर क्यों महंगे होते हैं फोल्डेबल फोन? जानिए खास डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, हिंज मैकेनिज्म, रिसर्च लागत और प्रीमियम डिजाइन से जुड़ी पूरी वजहें।
फोल्डेबल स्मार्टफोन (img source: google)
New Delhi: पिछले कुछ सालों में फोल्डेबल स्मार्टफोन तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। पहली नजर में ये फोन बेहद प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक लगते हैं, लेकिन जैसे ही कीमत पर नजर जाती है, आम यूजर चौंक जाता है। अक्सर सवाल उठता है कि आखिर फोल्डेबल फोन की कीमत सामान्य स्मार्टफोन से कई गुना ज्यादा क्यों होती है। इसकी वजह सिर्फ ब्रांड नेम नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजाइन और प्रोडक्शन से जुड़े कई अहम फैक्टर हैं।
फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी खासियत उनकी मुड़ने वाली स्क्रीन है। यह स्क्रीन साधारण ग्लास से नहीं बनती, बल्कि अल्ट्रा-थिन और फ्लेक्सिबल मटेरियल से तैयार की जाती है। इस तरह की डिस्प्ले को बनाना तकनीकी रूप से बेहद जटिल और महंगा होता है। स्क्रीन को बार-बार मोड़ने पर भी क्रैक न आए, इसके लिए कई लेयर्स, खास कोटिंग और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लागत काफी बढ़ जाती है।
फोल्डेबल फोन का हिंज सिस्टम उसकी रीढ़ माना जाता है। यही वह हिस्सा है जो फोन को फोल्ड और अनफोल्ड करने का काम करता है। इस मैकेनिज्म को हजारों बार खोलने-बंद करने पर भी स्मूद और मजबूत बनाए रखना आसान नहीं होता। कंपनियों को हिंज की डिजाइनिंग, टेस्टिंग और टिकाऊपन पर काफी समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। यही कारण है कि हिंज सिस्टम फोन की कुल कीमत को काफी बढ़ा देता है।
फोल्डेबल फोन अभी भी नई और विकसित हो रही तकनीक मानी जाती है। कंपनियों को इनके डिजाइन, परफॉर्मेंस और ड्यूरेबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए सालों तक रिसर्च करनी पड़ती है। इस रिसर्च और डेवलपमेंट पर होने वाला खर्च सीधे तौर पर फोन की कीमत में जुड़ जाता है।
सामान्य स्मार्टफोन की तुलना में फोल्डेबल फोन का प्रोडक्शन काफी सीमित होता है। बड़े पैमाने पर निर्माण न होने की वजह से इनकी प्रति यूनिट लागत ज्यादा रहती है। इसके अलावा इनमें इस्तेमाल होने वाले कई पार्ट्स खास तौर पर फोल्डेबल डिजाइन के लिए बनाए जाते हैं, जो आम फोन के पार्ट्स से कहीं ज्यादा महंगे होते हैं।
फोल्डेबल फोन में मजबूत एल्यूमिनियम फ्रेम, एडवांस ग्लास और हाई-क्वालिटी कंपोनेंट्स लगाए जाते हैं। वजह साफ है, क्योंकि फोन को बार-बार मोड़ा जाता है और कमजोर मटेरियल जल्दी खराब हो सकता है। यही प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी कीमत को और ऊपर ले जाती है।
फिलहाल फोल्डेबल स्मार्टफोन हर कंपनी नहीं बनाती। बाजार में विकल्प सीमित होने की वजह से इन्हें प्रीमियम कैटेगरी में रखा जाता है। नया और अलग डिजाइन होने के कारण कई लोग इन्हें स्टेटस सिंबल के तौर पर भी देखते हैं, जिसका असर कीमत पर साफ दिखाई देता है।
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जैसे-जैसे यह तकनीक आम होगी और प्रोडक्शन का स्तर बढ़ेगा, फोल्डेबल फोन की कीमतें धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल यह टेक्नोलॉजी महंगी है, इसलिए फोल्डेबल स्मार्टफोन भी बजट से बाहर बने हुए हैं।