Tech News: सोशल मीडिया एल्गोरिद्म क्या है और यह कैसे काम करता है? जानें

सोशल मीडिया पर आपकी फीड कैसे तय होती है? एल्गोरिद्म क्या है और यह इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और एक्स पर कैसे काम करता है? जानिए सोशल मीडिया एल्गोरिद्म का पूरा खेल आसान हिंदी में।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 3 January 2026, 9:43 AM IST
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New Delhi: किसी भी सिस्टम को सही तरीके से चलाने के लिए कुछ नियमों की जरूरत होती है। ठीक उसी तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी एल्गोरिद्म काम करता है। एल्गोरिद्म का मकसद यूजर को वही कंटेंट दिखाना होता है, जिसमें उसकी रुचि हो।

एल्गोरिद्म यह समझने की कोशिश करता है कि किसी यूजर को कौन सा कंटेंट पसंद है और किस तरह का कंटेंट उसे नहीं दिखाना चाहिए। इसके लिए यह यूजर की लोकेशन, भाषा, रुचि और ऑनलाइन व्यवहार को ध्यान में रखता है।

तकनीकी भाषा में एल्गोरिद्म नियमों का एक गणितीय सेट होता है, जो यह तय करता है कि डेटा कैसे काम करेगा। सोशल मीडिया पर यही एल्गोरिद्म कंटेंट का ऑर्डर तय करता है, सर्च रिजल्ट को रैंक करता है और विज्ञापन दिखाने में मदद करता है। उदाहरण के तौर पर, फेसबुक का एल्गोरिद्म तय करता है कि आपकी फीड में कौन सा पोस्ट पहले दिखेगा।

एल्गोरिद्म क्यों जरूरी है?

आज दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती है। हर यूजर की पसंद अलग होती है। अगर एल्गोरिद्म न हो, तो किसी को भी अपनी पसंद का कंटेंट ढूंढना मुश्किल हो जाएगा।एल्गोरिद्म की वजह से ही क्रिकेट पसंद करने वाले को मैच के वीडियो दिखते हैं और कुकिंग पसंद करने वाले को रेसिपी से जुड़े पोस्ट। बिना एल्गोरिद्म के सोशल मीडिया पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाएगा।

एल्गोरिद्म कैसे काम करता है?

एल्गोरिद्म यूजर के हर एक्शन को ध्यान से देखता है। आपने क्या लाइक किया, किस वीडियो को पूरा देखा, किसे शेयर किया या कहां कमेंट किया-इन सभी चीजों के आधार पर यह तय होता है कि आगे आपको क्या दिखाया जाएगा।

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अगर आपने बार-बार क्रिकेट से जुड़े वीडियो देखे हैं, तो ऐसे ही वीडियो आपकी फीड में ज्यादा आने लगते हैं। एल्गोरिद्म लगातार यूजर के व्यवहार से सीखता रहता है और धीरे-धीरे आपकी पसंद को बेहतर तरीके से समझने लगता है।

इंस्टाग्राम का एल्गोरिद्म कैसे काम करता है?

इंस्टाग्राम सबसे पहले उन अकाउंट्स की पोस्ट दिखाता है, जिन्हें आप फॉलो करते हैं। इसके अलावा यह लाइक, शेयर, सेव और कमेंट जैसे एंगेजमेंट को भी देखता है। जिस पोस्ट पर ज्यादा इंटरैक्शन होता है, उसे ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाता है। अगर आप किसी अकाउंट के साथ ज्यादा बातचीत करते हैं, तो उसका कंटेंट आपको बार-बार दिखेगा।

यूट्यूब पर कंटेंट कैसे रिकमेंड होता है?

यूट्यूब का एल्गोरिद्म यह देखता है कि लोग किसी वीडियो को कितनी देर तक देख रहे हैं। ज्यादा वॉच टाइम वाले वीडियो को क्वालिटी कंटेंट माना जाता है और उसे ज्यादा लोगों को सजेस्ट किया जाता है। इसके अलावा आपकी वॉच हिस्ट्री, सर्च और लोकेशन के आधार पर भी वीडियो रिकमेंड होते हैं।

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लिंक्डइन और एक्स (ट्विटर) का एल्गोरिद्म

लिंक्डइन पर क्वालिटी कंटेंट को ज्यादा अहमियत दी जाती है। यहां रिलेशनशिप, भरोसेमंद प्रोफाइल, कंसिस्टेंसी और रीसेंसी जैसे फैक्टर मायने रखते हैं। वहीं एक्स (ट्विटर) का एल्गोरिद्म यूजर इंटरेक्शन, एंगेजमेंट, लोकेशन, भाषा और प्रोफाइल की एक्टिविटी को देखकर कंटेंट की रीच तय करता है। जो अकाउंट ज्यादा एक्टिव होता है, उसे ज्यादा विजिबिलिटी मिलती है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 3 January 2026, 9:43 AM IST

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