अमेरिकी हमले के बाद हिंद महासागर में डूबा ईरान का IRIS Dena, जानें कितना था अहम और क्या थी इसकी ताकत

हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में ईरान का जंगी जहाज IRIS Dena डूब गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में 87 लोगों की मौत हुई। जानें क्यों ईरान के लिए यह युद्धपोत बेहद अहम था और कैसे हुआ हमला।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 5 March 2026, 9:04 AM IST
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Tehran: हिंद महासागर से एक बड़ी सैन्य खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान की नौसेना के युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाकर डुबो दिया। इस हमले में कम से कम 87 लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अमेरिका की ओर से मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बताया जा रहा है कि यह हमला उस समय हुआ जब ईरानी युद्धपोत भारत में एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल होने के बाद वापस लौट रहा था। इस घटना ने मध्य पूर्व और हिंद महासागर क्षेत्र में सैन्य तनाव को और बढ़ा दिया है।

अमेरिकी रक्षा विभाग ने की हमले की पुष्टि

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इस पनडुब्बी हमले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान का हिस्सा है और इससे अमेरिका की वैश्विक सैन्य पहुंच का प्रदर्शन होता है। उधर बचाव अभियान में जुटी Sri Lanka Navy ने बताया कि समुद्र में अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं। माना जा रहा है कि जहाज पर मौजूद कई अन्य सैनिक भी लापता हो सकते हैं।

ईरान के लिए क्यों खास था IRIS Dena?

IRIS Dena ईरान की नौसेना का एक अत्याधुनिक युद्धपोत था। यह Moudge-class फ्रिगेट श्रेणी का जहाज था, जिसे ईरान ने अपनी स्वदेशी तकनीक से तैयार किया था। यह जहाज ईरानी नौसेना की आधुनिक क्षमताओं का प्रतीक माना जाता था। इस युद्धपोत में पहली बार वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) लगाया गया था, जिससे मिसाइलों को तेजी और अधिक सटीकता से दागा जा सकता है।

जहाज पर कौन-कौन से हथियार थे?

IRIS Dena पर कई आधुनिक हथियार और सुरक्षा प्रणालियां लगी थीं, जिनमें शामिल हैं:

  • क़ादिर एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें-समुद्र में दुश्मन के जहाजों को निशाना बनाने में सक्षम
  • सय्याद या SM-1 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें-हवाई हमलों से सुरक्षा के लिए
  • 76 मिमी नौसैनिक गन
  • पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो सिस्टम
  • CIWS क्लोज-इन वेपन सिस्टम-नजदीकी हमलों को रोकने के लिए

इन सभी हथियारों और सिस्टम की निगरानी Asr 3D फेज्ड ऐरे रडार करता था, जो लंबी दूरी से दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम था।

अमेरिकी सबमरीन की रणनीति पर उठे सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी जहाज अमेरिकी पनडुब्बी की मौजूदगी का पता नहीं लगा सका। इससे अमेरिकी पनडुब्बियों की उन्नत स्टेल्थ तकनीक और रणनीतिक क्षमता का अंदाजा लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आधुनिक नौसैनिक युद्ध की नई रणनीतियों को दिखाती है।

MILAN 2026 नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था जहाज

ईरानी युद्धपोत कुछ समय पहले भारत आया था। भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN Naval Exercise में हिस्सा लेने के लिए यह जहाज भारत पहुंचा था। इस अभ्यास में दुनिया के कई देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, आपसी सहयोग और संयुक्त सैन्य क्षमता को मजबूत करना था। इसमें एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, एयर डिफेंस, सर्च एंड रेस्क्यू और अन्य जटिल समुद्री अभियानों का अभ्यास किया गया था।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

IRIS Dena के डूबने की घटना से मध्य पूर्व और हिंद महासागर क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। ईरान के लिए यह सैन्य और रणनीतिक दोनों दृष्टि से बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस घटना के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई होती है, तो क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर भी असर पड़ सकता है।

Location : 
  • Tehran

Published : 
  • 5 March 2026, 9:04 AM IST

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