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शनिवार देर रात संत प्रेमानंद के श्रीकृष्ण शरणम् स्थित फ्लैट में अचानक आग लग गई। घटना के समय फ्लैट में केवल एक सेवक मौजूद था। अनुयायियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन आग लगने के कारणों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
संत प्रेमानंद महाराज
Vrindavan: शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब संत प्रेमानंद के श्रीकृष्ण शरणम् स्थित फ्लैट से आग की लपटें उठती देखी गई। अचानक लगी इस आग ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। घटना इतनी संवेदनशील थी कि कुछ ही मिनटों में संत प्रेमानंद के अनुयायी मौके पर पहुंच गए और हालात संभालने में जुट गए।
फ्लैट नंबर 212 में हुआ हादसा
आग श्रीकृष्ण शरणम् परिसर में स्थित फ्लैट संख्या 212 में लगी, जहां संत प्रेमानंद का आवास बताया जा रहा है। गनीमत यह रही कि घटना के समय संत प्रेमानंद वहां मौजूद नहीं थे। फ्लैट में केवल एक सेवक रह रहा था, जो समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आया। अगर आग देर रात और फैलती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
अनुयायियों ने संभाला मोर्चा
आग लगने की सूचना मिलते ही श्री राधा केलिकुंज में रह रहे संत प्रेमानंद के अनुयायी दौड़ पड़े। बिना वक्त गंवाए उन्होंने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन अनुयायियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।
मीडिया और लोगों को रोका गया बाहर
घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग और मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन संत प्रेमानंद के अनुयायियों ने सभी को परिसर के बाहर ही रोक दिया। किसी को भी फ्लैट तक जाने की इजाजत नहीं दी गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान अनुयायी बेहद सतर्क नजर आए और किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से बचते रहे।
आग की वजह बनी रहस्य
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर फ्लैट में आग कैसे लगी। इस पर अनुयायियों ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। न तो शॉर्ट सर्किट की पुष्टि हुई है और न ही किसी अन्य कारण का खुलासा किया गया है। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद श्रीकृष्ण शरणम् परिसर की सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन आग लगने की असली वजह अब भी सस्पेंस बनी हुई है।