हिंदी
नई दिल्ली: देश के बहुचर्चित अतुल सुभाष सुसाइड केस में बेंगलुरु की सिटी सिविल कोर्ट ने शनिवार को मृतक की पत्नी निकिता सिंघानिया, उसकी मां निशा सिंघानिया और भाई अनुराग सिंघानिया समेत चार आरोपियों को जमानत दे दी। सभी आरोपियों ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया।
सुनवाई के दौरान निकिता सिंघानिया के वकील ने पुलिस की ओर से दिए गए उचित आधारों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए तर्क दिया कि उनकी गिरफ्तारी अवैध थी। अदालत ने जमानत का फैसला ऐसे समय में लिया है जब घटना के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आगे की जांच जारी है।
कर्नाटक पुलिस ने 14 दिसबंर 2024 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था बाकी अन्य आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों पर अतुल सुभाष को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप है।
अतुल ने आत्महत्या से पहले 1 घंटे 23 मिनट का वीडियो और 24 पेज का सुसाइड नोट जारी करके अपनी पत्नी और उसके परिवार वालों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
उन्होंने सिंघानिया पर मामले को निपटाने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया था। अतुल ने निकिता के पर कई तरह के फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के आरोप लगाए थे। बाद में निकिता सिंघानिया ने तलाक का मुकदमा और सीजेएम कोर्ट में हत्या, मारपीट और अप्राकृतिक यौन संबंध के मुकदमे को बाद में वापस ले लिया था।
अतुल मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और उनके ससुराल वाले मूल रूप से जौनपुर के। इस मामले की सुनवाई जौनपुर फैमिली कोर्ट में चल रही थी। अतुल ने अपने आरोप में कहा था कि जज रीता कौशिक ने मामले को निपटाने के लिए उनसे 5 लाख रुपए भी मांगे थे।
सुनिये भोजपुरी के ट्रेंडिंग स्टार खेसारी लाल क्या कह रहे हैं:
Published : 4 January 2025, 6:56 PM IST
Topics : Atul Subhash suicide case bail Bengaluru court HindiNews ManojTibrewalAakashDynamiteNews ManojTibrewalAakashJournalist New Delhi TrendingNews