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सुचिका तारियाल ने रचा इतिहास (सोर्स- एक्स)
New Delhi: जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। देश की स्टार फाइटर सुचिका तारियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) प्रतियोगिता में देश के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। महाद्वीपीय खेलों के इतिहास में एमएमए को पहली बार शामिल किया गया है और इस नए इवेंट में भारत का यह पहला पदक है। इस जीत के साथ ही मौजूदा टूर्नामेंट में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।
महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में सुचिका का सामना सिंगापुर की मजबूत खिलाड़ी टियो हुई हूं से हुआ। यह मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा।
पहले राउंड में पिछड़ने के बावजूद सुचिका ने हार नहीं मानी और दूसरे राउंड में बेहतरीन वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। स्कोर टाई होने के बाद रेफरी और जजों ने विजेता का फैसला करने के लिए 1 मिनट का अतिरिक्त समय (ओवरटाइम) दिया। इस कड़े संघर्ष के बाद सिंगापुर की फाइटर को विजेता घोषित किया गया। हालांकि सुचिका फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन सेमीफाइनल तक का सफर तय कर उन्होंने देश के लिए पदक पहले ही पक्का कर लिया था।
इससे पहले रविवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुचिका तारियाल ने अपने दमदार खेल का शानदार नमूना पेश किया था। उन्होंने मंगोलिया की खिलाड़ी अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 के स्पष्ट अंतर से हराकर सेमीफाइनल में धमाकेदार एंट्री की थी। इसी जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए एशियन गेम्स में इस नए खेल के पहले मेडल की उम्मीदों को जीवंत कर दिया था।
मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली 36 वर्षीय सुचिका तारियाल सिर्फ मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वह खेल जगत की एक बेहद बहुमुखी और अनुभवी एथलीट (जर्नीवुमन) रही हैं।
उन्होंने अपने शानदार खेल करियर के दौरान अलग-अलग खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया है। सुचिका ने साल 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्होंने साल 2023 के एशियन गेम्स में कुराश खेल में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी खेल प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह साल 2024 में जिउ-जित्सु (Jiu-Jitsu) की वर्ल्ड चैंपियन भी रह चुकी हैं।
सुचिका तारियाल की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का एक बड़ा मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय खेल इतिहास में भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। अलग-अलग मार्शल आर्ट्स विधाओं में अपनी महारत साबित करने के बाद, अब एशियन गेम्स के एमएमए इवेंट में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उम्र और चुनौतियां कभी भी जज्बे से बड़ी नहीं होतीं। उनकी इस सफलता से देश भर के युवा खिलाड़ियों को एक नई प्रेरणा मिली है।
Location : New Delhi
Published : 21 September 2026, 10:31 AM IST