मैं पूरी तरह हारा नहीं हूं… BTech के बाद UPSC का सपना लेकर निकला युवक, अब हर महीने खर्च जुटाना भी चुनौती

BTech के बाद नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी में जुटे 25 वर्षीय युवक ने कभी सोचा भी नहीं था कि जिंदगी इतनी जल्दी बदल जाएगी। पिता और दादा को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उसके कंधों पर आ गईं। अब नोएडा में नौकरी की तलाश और हर महीने का खर्च उसके सामने बड़ी चुनौती है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 21 September 2026, 9:45 AM IST
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Noida: यूपीएससी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि कई सालों की मेहनत, त्याग और इंतजार का नाम होती है। कोई नौकरी छोड़कर तैयारी में जुटता है तो कोई परिवार और आर्थिक परेशानियों के बीच अपने सपने को जिंदा रखता है। ऐसी ही एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर सामने आई है।

BTech के बाद छोड़ी नौकरी

25 वर्षीय एक युवक ने साल 2022 में कंप्यूटर साइंस से BTech की पढ़ाई पूरी की थी। डिग्री के बाद उसने बतौर ग्रेजुएट इंजीनियरिंग ट्रेनी नौकरी भी शुरू की। करियर की शुरुआत ठीक चल रही थी, लेकिन उसका सपना इंजीनियरिंग की नौकरी तक सीमित नहीं था। वह सिविल सेवा में जाना चाहता था। इसी उम्मीद में उसने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह UPSC की तैयारी में लग गया। उस समय उसे भरोसा था कि मेहनत के दम पर एक दिन वह परीक्षा पास करके अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लेगा।

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लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी जिंदगी में ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने उसकी प्राथमिकताएं ही बदल दीं।

पिता की मौत के बाद अचानक बढ़ गई जिम्मेदारी

युवक के मुताबिक, UPSC की तैयारी के दौरान उसके पिता का निधन हो गया। परिवार के लिए यह बड़ा झटका था। पिता के जाने के बाद घर की जिम्मेदारियां अचानक उसके कंधों पर आ गईं। मुश्किलें यहीं नहीं रुकीं। कुछ समय बाद उसके दादा का भी निधन हो गया। उसकी दादी पार्किंसंस से जूझ रही हैं और उन्हें लगातार देखभाल की जरूरत है। इसके अलावा बहन की शादी की जिम्मेदारी भी परिवार के सामने थी।

ऐसे हालात में युवक के लिए सिर्फ अपने करियर के बारे में सोचना आसान नहीं रहा। उसने बताया कि परिवार की जरूरतें उसकी पहली प्राथमिकता बन गईं और UPSC की तैयारी पीछे छूटती चली गई।

अब हर महीने खर्च जुटाना भी चुनौती

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी कहानी साझा करते हुए युवक ने बताया कि फिलहाल परिवार का खर्च दादी की पेंशन के सहारे चल रहा है। वह नौकरी की तलाश में नोएडा पहुंचा और कम वेतन वाली नौकरी के लिए भी तैयार था। उसने कई जगह टेस्ट और इंटरव्यू दिए। कुछ जगह उसे रिजेक्शन मिला, जबकि कुछ कंपनियों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। लंबे समय तक नौकरी से दूर रहने और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण करियर में आया गैप भी उसके लिए परेशानी बन गया।

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MNC में हुआ चयन, लेकिन फिर बदल गया सब

युवक ने बताया कि एक MNC में उसका चयन हो गया था। उसे लगा कि अब हालात धीरे-धीरे सुधर जाएंगे और जिंदगी फिर पटरी पर लौट सकेगी। लेकिन इसी बीच कंपनी ने भर्ती प्रक्रिया रोक दी। नोएडा में रहते हुए उसके मुताबिक सिर्फ कमरे का किराया करीब 12 हजार रुपये से ज्यादा है। खाने, आने-जाने और बाकी खर्च अलग हैं। ऐसे में हर महीने यह चिंता बनी रहती है कि अगला महीना कैसे निकलेगा।

उसने अपनी पोस्ट में तनाव और बेचैनी से जूझने की बात भी कही। इसके बावजूद उसका कहना है कि उसने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। UPSC का सपना भले पीछे चला गया हो, लेकिन जिंदगी को दोबारा खड़ा करने की कोशिश अब भी जारी है।

Location :  Noida

Published :  21 September 2026, 9:45 AM IST

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