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GST की नई दरों के चलते IPL टिकट की कीमतों में इजाफा हो गया है। ऐसे में ये क्रिकेट फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है। क्योंकि अब आईपीएल का मुकाबला देखने के लिए फैंस को जेब ढीली करनी पड़ेगी।
IPL ऑक्शन के बाद खिलाड़ी ले सकते हैं नाम वापस (Img: Internet)
New Delhi: क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) की नई दरों का असर अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) पर भी दिखाई देगा। 3 सितंबर, बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया कि आईपीएल टिकटों पर अब 28% की बजाय 40% जीएसटी वसूला जाएगा। इस नई दर का सीधा असर आईपीएल 2026 सीजन के दौरान फैंस पर पड़ने वाला है।
अब तक आईपीएल टिकटों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता था, लेकिन इसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब दर्शकों को हर टिकट पर 12 प्रतिशत अधिक टैक्स देना होगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर आप 1,000 रुपये का टिकट खरीदते हैं, तो पहले आपको 1,280 रुपये चुकाने पड़ते थे (1000 + 28% GST)। लेकिन अब यही टिकट 1,400 रुपये में मिलेगा। यानी सीधे 120 रुपये की बढ़ोतरी। जैसे-जैसे टिकट की मूल कीमत बढ़ेगी, उस पर लगने वाला टैक्स भी बढ़ेगा।
बड़ी खबर! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बुधवार को हुई GST काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया कि IPL टिकटों पर अब 28% की बजाय 40% GST लगेगा। इसका सीधा असर IPL 2026 सीजन के टिकटों की कीमतों पर पड़ेगा और फैंस को ज्यादा खर्च करना होगा।#IPL2026 #GSTUpdate… pic.twitter.com/1cYSjO08zB
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) September 4, 2025
भारत में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है। खासतौर पर आईपीएल को लोग त्योहार की तरह मनाते हैं। हर सीजन में स्टेडियम खचाखच भरे रहते हैं। लेकिन अब टिकटों की कीमत बढ़ने से स्टेडियम में दर्शकों की संख्या पर असर पड़ सकता है। यदि आयोजक टिकट की मूल कीमतों में कोई कटौती नहीं करते या नई स्कीम नहीं लाते, तो यह बदलाव दर्शकों की भागीदारी पर असर डाल सकता है।
यह टैक्स केवल मनोरंजन श्रेणी में आने वाले आईपीएल जैसे टूर्नामेंटों पर लागू होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त क्रिकेट मैचों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई जीएसटी दरों का प्रभाव सीधे तौर पर आईपीएल 2026 में देखा जाएगा। आयोजकों और दर्शकों दोनों के लिए यह एक नई चुनौती होगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद फैंस पहले जैसी ही संख्या में स्टेडियम का रुख करेंगे या नहीं।
जीएसटी दरों में यह बढ़ोतरी सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन इसका सीधा असर आम दर्शकों की जेब पर पड़ेगा। ऐसे में आयोजकों भी टिकट प्राइसिंग को लेकर नई रणनीति बना सकते हैं। या फिर ये भी हो सकता है कि इसकी कीमत में कमी हो। हालांकि, अब ये देखना होगा कि इसका कितना असर पड़ता है।