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प्रतीकात्मक छवि
महराजगंज: जनपद में निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश नहीं देने और अभिभावकों से मनमानी वसूली करने के आरोपों को लेकर जिलाधिकारी एवं शुल्क नियामक समिति के अध्यक्ष से शिकायत की गई है।
शिकायत में कहा गया है कि जनपद के कई निजी विद्यालय आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(c) का पालन नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि आरटीई के तहत चयनित गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को विद्यालयों द्वारा प्रवेश देने में टालमटोल किया जा रहा है। कई मामलों में तरह-तरह के बहाने बनाकर इन बच्चों को प्रवेश से वंचित किया जा रहा है, जो कि कानून का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं के कारण गरीब परिवारों के बच्चों का शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहा है। निजी विद्यालयों द्वारा सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने से अभिभावकों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2025-26 में निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से री-एडमिशन शुल्क वसूलने का भी आरोप लगाया गया है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन उन्हें कॉपी-किताब खरीदने के लिए एक विशेष दुकान से ही सामग्री लेने के लिए बाध्य करता है।
इसके अलावा एनसीईआरटी पुस्तकों के नाम पर महंगी और अनावश्यक सामग्री खरीदने का दबाव भी बनाया जाता है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शिकायत में इसे अभिभावकों का आर्थिक शोषण बताते हुए कहा गया है कि यह न केवल सरकारी नियमों के विरुद्ध है बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है।
इस मामले को गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनपद के सभी निजी विद्यालयों में आरटीई के अंतर्गत हुए प्रवेशों की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही जिन विद्यालयों ने पात्र गरीब छात्रों को प्रवेश देने से मना किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा विद्यालयों द्वारा कॉपी-किताब के लिए किसी विशेष दुकान को अनिवार्य करने और री-एडमिशन शुल्क जैसी अवैध प्रथाओं पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और गरीब बच्चों को उनके अधिकार के अनुसार शिक्षा दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है
Location : Maharajganj
Published : 6 March 2026, 8:24 PM IST
Topics : books fees Maharajganj Re Addimission schools