मोहसिन नकवी के सामने नहीं झुका BCCI: पहले सूर्या और अब हरमनप्रीत ने ACC चीफ के हाथों ट्रॉफी लेने से फेरा मुंह

विमेंस एशिया कप 2026 में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर 8वीं बार चैंपियन बनने के बाद हरमनप्रीत कौर की टीम ने ACC चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। BCCI के सख्त रुख के आगे पाकिस्तान के मंत्री को खाली हाथ लौटना पड़ा।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 14 September 2026, 9:52 AM IST
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New Delhi: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के सम्मान और अपने सख्त सिद्धांतों के आगे कोई ट्रॉफी या आयोजन बड़ा नहीं है। विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से शिकस्त देकर 8वीं बार एशियाई चैंपियन बनने वाली भारतीय महिला टीम ने इतिहास तो रचा, लेकिन इसके बाद मैदान पर जो हुआ, उसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया।

कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों विजेता ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया।

एक साल पुरानी कहानी, फिर दोहराया गया वही विवाद

यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी का बहिष्कार किया है। ठीक एक साल पहले, सितंबर 2025 में खेले गए पुरुष एशिया कप के दौरान भी ऐसी ही स्थिति पैदा हुई थी। उस वक्त सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था।

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तब नकवी गुस्से में ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे, जो आज भी दुबई स्थित ACC कार्यालय में बंद है। इस बार महिला टीम ने भी वही रुख अपनाकर यह साफ कर दिया कि बीसीसीआई अपने स्टैंड पर पूरी तरह अडिग है।

BCCI के दो प्रस्ताव और नकवी की जिद

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी राजनीतिक तनाव और सीमा पार से सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए बीसीसीआई ने साफ रुख अपनाया है। बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया के अनुसार, भारत ने फाइनल से पहले नकवी के सामने दो तर्कसंगत विकल्प रखे थे।

पहला विकल्प यह था कि ट्रॉफी एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी सौंपें, या फिर हालिया परंपरा के अनुसार विजेता बोर्ड के प्रतिनिधि अपनी टीम को ट्रॉफी दें। हालांकि, मोहसिन नकवी अपनी जिद पर अड़े रहे और उन्होंने इन दोनों ही प्रस्तावों को खारिज कर दिया।

बिना ट्रॉफी और मेडल के मंच पर आई भारतीय टीम

जब नकवी खुद ट्रॉफी देने की जिद पर अड़े रहे, तो भारतीय टीम ने कड़ा कदम उठाया। प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भारतीय खिलाड़ी मंच पर ही नहीं आईं। नकवी ने सिर्फ उपविजेता श्रीलंका को चेक और मेडल दिए और मैदान से चले गए। इसके बाद भारतीय टीम ने मैदान पर वापस आने के बजाय ड्रेसिंग रूम के पास ही अपने इन-हाउस मेडल बांटकर जश्न मनाया।

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मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि यह फैसला बोर्ड का है और पूरी टीम इसके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़ी स्क्रीन पर भारत का चैंपियन होना लिखा है, और उनके लिए यही सबसे बड़ा सम्मान है।

Location :  New Delhi

Published :  14 September 2026, 9:52 AM IST

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