BRICS में अब सिर्फ साथ चलने की बात नहीं, PM मोदी ने बदलती विश्व व्यवस्था के लिए रखा 10 प्रस्तावों का रोडमैप

BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने BRICS के अगले शिखर सम्मेलन तक वैश्विक शासन सुधार के लिए 10 प्रस्तावों वाला ‘BRICS Reform Roadmap’ तैयार करने का सुझाव दिया। UNSC सुधार, प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण को इसकी प्राथमिकता बताया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 September 2026, 9:45 AM IST
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नई दिल्ली: BRICS के 20 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को BRICS Summit 2026 की आधिकारिक शुरुआत की। समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के नेता शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में पीएम मोदी ने BRICS की भूमिका और बदलती वैश्विक व्यवस्था को लेकर भारत का विजन सामने रखा।

20 साल में BRICS हुआ परिपक्व

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS अब अपने विकास के ऐसे चरण में पहुंच गया है, जहां परिपक्वता के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। पिछले 20 वर्षों में संगठन ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि BRICS किसी देश के खिलाफ नहीं है। संगठन का उद्देश्य सभी देशों को साथ लेकर चलना और एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हुए आम सहमति से आगे बढ़ना है।

ग्लोबल साउथ की आवाज पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि आज ग्लोबल साउथ वैश्विक संकटों का सामना करने में सबसे आगे है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में उसकी भूमिका अभी भी सीमित है। ऐसे में वैश्विक व्यवस्था को विशेषाधिकार के पिरामिड से साझेदारी के मंच में बदलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ऐसा सिस्टम होना चाहिए, जिसमें हर देश की आवाज सुनी जाए और हर सदस्य की भागीदारी सुनिश्चित हो। मानवता का विकास वैश्विक सहयोग के केंद्र में होना चाहिए।

अगले समिट तक तैयार हो BRICS Reform Roadmap

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शासन में सुधार के लिए 10 प्रस्ताव तैयार करने का सुझाव दिया। उनका प्रस्ताव है कि इन प्रस्तावों को अगले शिखर सम्मेलन तक 'BRICS Reform Roadmap' का रूप दिया जाए।

इस रोडमैप के लिए उन्होंने तीन प्रमुख क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया—प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण।

UNSC सुधार को लेकर स्पष्ट संदेश

प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में सुधार को अब और टालने की जरूरत नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस मामले में बातचीत को निश्चित समयसीमा और स्पष्ट परिणामों से जोड़ना चाहिए।

उन्होंने वैश्विक वित्तीय संस्थानों में मतदान शक्ति, नेतृत्व पदों और नीतिगत प्राथमिकताओं को मौजूदा आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने की भी वकालत की।

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'साझा भविष्य तो अधिकार भी साझा'

समिट के संदेश को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि यदि भविष्य साझा है तो उसके निर्माण का अधिकार भी साझा होना चाहिए। उन्होंने BRICS 2026 के संकल्प को 'आवाज से प्रभाव तक और विशेषाधिकार से साझेदारी तक' आगे बढ़ाने की दिशा से जोड़ा।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावों से साफ है कि भारत BRICS को केवल आर्थिक सहयोग के मंच तक सीमित रखने के बजाय वैश्विक शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव के लिए प्रभावी मंच के रूप में देख रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  14 September 2026, 9:45 AM IST

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