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ब्रिक्स मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान (सोर्स- एक्स)
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वैश्विक सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में ब्रिक्स (BRICS) के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस समूह का विस्तार इसलिए हुआ है क्योंकि इसमें सदस्य देशों की आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है और मिलकर समाधान तलाशे जाते हैं।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता 'लचीलेपन (Resilience), नवाचार (Innovation), सहयोग (Cooperation) और स्थिरता (Sustainability)' इन चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने ब्रिक्स सदस्यों के बीच आपसी मित्रता, सहभागिता और सहयोग को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समूह की पहल केवल सरकारों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें उद्यमियों, किसानों, शोधकर्ताओं, महिलाओं और युवाओं को भी सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का सहयोग ऐसा होना चाहिए जो विकासशील देशों की पहुंच में हो और विशेष रूप से 'ग्लोबल साउथ' (Global South) की जरूरतों को पूरी तरह से संबोधित करे।
इस शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी ने इस आयोजन को एक बेहद महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटना बना दिया। विस्तारित ब्रिक्स समूह के नेताओं ने वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच साझा किया।
मौजूदा समय में ब्रिक्स में कुल 11 पूर्ण सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण भारत (दक्षिण अफ्रीका), मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।
On the second day of the BRICS Summit 2026 in Delhi, Prime Minister Narendra Modi said the confidence of Global South nations in BRICS has increased as their voices are being heard and their experiences are being valued. He highlighted that the group’s strength lies in diversity… pic.twitter.com/scoFMy8S4f
— Dynamite News (@DynamiteNews_) September 13, 2026
दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास लगातार बढ़ा है, क्योंकि अब उनकी बात सुनी जा रही है और उनके अनुभवों को बहुमूल्य माना जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस समूह की असली ताकत इसकी विविधता में निहित है।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की ताकत इसकी विविधता और आपसी सहयोग में है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान आकर्षित किया कि अलग-अलग पृष्ठभूमियों और चुनौतियों से ताल्लुक रखने वाले देश भी मानवता के कल्याण के लिए मिलकर काम कर सकते हैं और ठोस समाधान तैयार कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों के ब्रिक्स के प्रति विश्वास का वर्णन करते हुए कहा, "उनकी आवाज़ सुनी जाती है, उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है और समाधान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं।"
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार, व्यापार सहयोग, डिजिटल परिवर्तन और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व जैसे विषयों पर गहन चर्चाएं चल रही हैं।
भारत की मेजबानी में हो रहे इस शिखर सम्मेलन के जरिए नई दिल्ली ब्रिक्स को उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं और देशों की एक मजबूत आवाज़ के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जो भविष्य की वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में एक प्रमुख मंच की भूमिका निभा सके।
Location : New Delhi
Published : 13 September 2026, 12:57 PM IST
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