हिंदी
बिजनौर हर्बल टी (Img: X)
Bijnor: बिजनौर के छोटे से गांव लक्खीवाला में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार की गई ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ (Vidur Prerna Swadeshi Herbal Tea) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में इस चाय की तारीफ किए जाने के बाद अब इसे BRICS Summit 2026 के गाला डिनर में राष्ट्राध्यक्षों और विशिष्ट मेहमानों को परोसा गया। गांव में तैयार यह चाय अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है।
कोतवाली ब्लॉक के लक्खीवाला गांव की बबीता रानी ने करीब एक साल पहले महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूह बनाया था। इसके बाद समूह ने पारंपरिक और स्थानीय सामग्री से हर्बल चाय तैयार करने का काम शुरू किया। इस समूह से फिलहाल 11 महिलाएं जुड़ी हैं। चाय को तैयार करने में गिलोय, मुलेठी, कच्ची हल्दी, इलायची और सौंफ जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें लेमनग्रास का पानी भी मिलाया जाता है। समूह ने इस मिश्रण को ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ नाम दिया है।
ये भी पढ़ें: Bijnor: 75 की दुल्हन, 80 का दूल्हा… शादी के एक साल बाद ऐसा क्या हुआ अचानक ले लिया तलाक?
इस चाय को उस समय बड़ी पहचान मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका उल्लेख किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार की गई चाय के स्वाद और इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री की सराहना की।
प्रधानमंत्री की ओर से चर्चा होने के बाद इस उत्पाद की मांग तेजी से बढ़ने लगी। ऑनलाइन प्रचार के जरिए लोगों तक चाय पहुंची और अलग-अलग जगहों से इसके ऑर्डर आने शुरू हो गए। इसके बाद समूह ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाया।
चाय की लोकप्रियता बढ़ने के बाद समूह को देश के अलग-अलग हिस्सों से डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए फोन आने लगे। नीति आयोग की एक टीम ने भी लक्खीवाला गांव पहुंचकर समूह के काम को देखा और बड़ी संख्या में चाय के पैकेट लिए।
महिलाओं के लिए यह काम सिर्फ एक उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला है। बिजनौर में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अलग-अलग उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों की मार्केटिंग ‘विदुर’ ब्रांड के नाम से की जाती है।
समूह की ओर से तैयार हर्बल चाय के 100 ग्राम पैकेट पर 350 रुपये कीमत दर्ज है। हालांकि, समूह इसे 300 रुपये में बेच रहा है। फिलहाल इसकी बिक्री मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। चाय की बढ़ती मांग को देखते हुए समूह के सामने उत्पादन बढ़ाने और इसे अधिक बाजारों तक पहुंचाने का अवसर भी है। ब्रिक्स समिट में चाय परोसे जाने से इसके ब्रांड को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
समूह को कारोबार आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये का ऋण भी दिया गया है। डिप्टी कमिश्नर उद्योग अमित कुमार के अनुसार, ऐसी योजनाओं का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफलता दूसरे युवाओं और महिलाओं को भी अपना काम शुरू करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
ये भी पढ़ें: Bijnor News: प्रेमी युगल की दर्दनाक मौत, शहतूत के पेड़ से लटके मिले दोनों के शव
ब्रिक्स समिट के दौरान भारत मंडपम में राष्ट्राध्यक्षों और विशिष्ट अतिथियों के लिए आयोजित गाला डिनर में लक्खीवाला की यह स्वदेशी हर्बल चाय परोसी गई। इससे बिजनौर के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं में भी उत्साह है। जिला मजिस्ट्रेट जसजीत कौर ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि गांव में तैयार उत्पाद का दुनिया के बड़े मंच तक पहुंचना महिलाओं की मेहनत और उत्पाद की गुणवत्ता को दर्शाता है। अब ‘विदुर’ ब्रांड की इस चाय को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की नई राह खुल गई है।
Location : Bijnor
Published : 13 September 2026, 3:26 PM IST