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बिहार विधानसभा की 19 समितियों के गठन के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग से जुड़े विधायकों को भी अहम जिम्मेदारियां मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।
अनंत सिंह को मिला तोहफा (IMG: Google)
Patna: बिहार की राजनीति में एक बार फिर ऐसा खेल सामने आया है, जिसने अंदरखाने चल रही सियासी रणनीतियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान जिन विधायकों पर ‘क्रॉस वोटिंग’ या लाइन से हटने के आरोप लगे थे, अब वही चेहरे विधानसभा की अहम समितियों में बड़ी जिम्मेदारियां संभालते नजर आ रहे हैं। इसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज है, क्या ये महज संयोग है या फिर किसी बड़ी रणनीति का हिस्सा? फैसलों की टाइमिंग और नामों की लिस्ट ने पूरे मामले को और भी दिलचस्प बना दिया है।
बिहार विधानसभा में कुल 19 समितियों का गठन कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की मंजूरी के बाद समितियों के चेयरमैन और सदस्यों की सूची जारी की गई। इस नई सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जो हाल के दिनों में सियासी चर्चाओं के केंद्र में रहे हैं। समितियों के गठन को लेकर कहा जा रहा है कि नेतृत्व के संतुलन को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विधायकों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से दूरी बनाने वाले मनोहर प्रसाद सिंह और फैसल रहमान को भी इस बार समितियों में बड़ी भूमिका दी गई है। मनोहर प्रसाद सिंह को प्रत्यायुक्त विधान समिति का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि फैसल रहमान को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह बाहुबली छवि वाले मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह को पर्यटन उद्योग से संबंधित समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मोकामा से विधायक अनंत कुमार सिंह को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार खुद भी इस पूरी संरचना में अहम भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। उन्हें नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति, दोनों की जिम्मेदारी दी गई है। यानी वे दो महत्वपूर्ण समितियों के चेयरमैन बने हुए हैं।
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अन्य समितियों की बात करें तो कई विधायकों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। ज्योति देवी को पुस्तकालय समिति की अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जनक सिंह याचिका समिति के चेयरमैन हैं। राजकीय आश्वासन समिति की जिम्मेदारी दामोदर रावत को दी गई है, वहीं प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति का नेतृत्व अमरेंद्र कुमार पांडेय के हाथों में है।