तमिलनाडु में CM कुर्सी पर सस्पेंस, क्या विजय बन पाएंगे मुख्यमंत्री

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा सस्पेंस बना हुआ है जहां टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत का आंकड़ा अब भी दूर है। राजभवन की शर्तों, संभावित गठबंधन और इस्तीफे की धमकी ने माहौल को बेहद गरम कर दिया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 8 May 2026, 12:07 PM IST
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Chennai: चेन्नई की राजनीति में इस समय एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरे तमिलनाडु को राजनीतिक उथल-पुथल में डाल दिया है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने राज्य की सत्ता की लड़ाई को पूरी तरह बदल दिया है।

दशकों से चले आ रहे डीएमके और एआईएडीएमके के वर्चस्व को झटका देते हुए टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना आसान नहीं दिख रहा।

बहुमत से दूर टीवीके

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है, जबकि टीवीके ने 108 सीटों पर जीत हासिल की है। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ यह संख्या 113 तक पहुंचती है, लेकिन यह अभी भी बहुमत से पीछे है। विजय द्वारा दो सीटों में से एक छोड़ने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है, जिससे सरकार गठन का गणित अधर में लटक गया है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति किसी भी दल के लिए निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि हर सीट अब सत्ता की दिशा तय कर रही है।

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राज्यपाल की सख्ती और नई शर्तें

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने टीवीके प्रमुख विजय को राजभवन बुलाकर स्पष्ट किया कि सरकार बनाने का दावा तभी स्वीकार किया जाएगा जब पूर्ण बहुमत का प्रमाण प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने समर्थन देने वाले सभी विधायकों की विस्तृत सूची भी मांगी है। राज्यपाल के इस रुख ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

गठबंधन की राजनीति और बदलते समीकरण

तमिलनाडु की राजनीति में अब गठबंधन की नई कहानी लिखी जा रही है। डीएमके और एआईएडीएमके जैसे पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच अप्रत्याशित समीकरण बनने की चर्चा तेज है। सूत्रों के अनुसार कुछ स्तर पर दोनों दलों के बीच टीवीके को रोकने के लिए रणनीतिक बातचीत भी चल रही है।

इसके साथ ही छोटे दलों की भूमिका अचानक निर्णायक हो गई है, जो किसी भी दिशा में सत्ता का पलड़ा भारी कर सकते हैं।

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107 विधायकों की इस्तीफे की धमकी से बढ़ा तनाव

सबसे बड़ा राजनीतिक धमाका तब हुआ जब खबर सामने आई कि टीवीके के 107 विधायक सामूहिक इस्तीफे की धमकी पर विचार कर रहे हैं। यह कदम तब उठाया जा सकता है अगर उन्हें सरकार गठन से रोका गया।

इस संभावित फैसले ने न केवल राजभवन बल्कि विपक्षी खेमे में भी हलचल मचा दी है।

छोटी पार्टियों पर टिकी सत्ता की चाबी

वर्तमान स्थिति में VCK और वामपंथी दलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। इनके पास मौजूद कुछ सीटें सरकार बनाने या गिराने में निर्णायक साबित हो सकती हैं। सभी प्रमुख दल इनसे लगातार संपर्क में हैं और समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

Location :  Chennai

Published :  8 May 2026, 12:07 PM IST

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