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प्रतीकात्मक छवि
Kolkata: पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने की तैयारी के बीच मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के चयन पर मंथन तेज हो गया है। आज विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो सकती है। पार्टी कैबिनेट के जरिए गुजरात मॉडल की तर्ज पर राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर है। आज शाम कोलकाता में विधायक दल की बैठक होने जा रही है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा इस फैसले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती और हर पहलू को ध्यान में रखकर नाम तय किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह निर्णय राज्य की आने वाली राजनीति की दिशा तय करेगा।
भाजपा इस बार कैबिनेट गठन में विशेष रणनीति अपना रही है। पार्टी का फोकस “सोशल इंजीनियरिंग” और “क्षेत्रीय संतुलन” पर है। उत्तर बंगाल, जंगल महल, दक्षिण बंगाल और शहरी क्षेत्रों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है।
पार्टी का लक्ष्य है कि नई सरकार में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों का मिश्रण हो, ताकि प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ जमीनी जुड़ाव भी मजबूत रहे। इसे भाजपा “गुजरात मॉडल” की तरह एक स्थिर राजनीतिक ढांचा बनाने की कोशिश के रूप में देख रही है।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भले ही नामों पर चर्चा जारी हो, लेकिन मंत्रिमंडल को लेकर कई प्रमुख नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। Suvendu Adhikari को सरकार में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। यदि वे मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं, तो उन्हें गृह या वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, महिला वोट बैंक में प्रभाव रखने वाली अग्निमित्रा पॉल और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले दिलीप घोष जैसे नेताओं के नाम भी मंत्री पद की रेस में शामिल बताए जा रहे हैं।
नई सरकार का शपथ ग्रहण कल सुबह 11 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने की तैयारी है। पार्टी स्तर पर भव्य आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसमें भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय नेता और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं।
Location : Kolkata
Published : 8 May 2026, 3:05 PM IST