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एमके स्टालिन ने इस्तीफा दिया (Img: Google)
New Delhi : तमिलनाडु की सियासत में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चुनाव नतीजों ने पूरी राजनीतिक तस्वीर बदल दी है। DMK प्रमुख और मुख्यमंत्री रहे एमके स्टालिन ने हार के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब राज्य में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है और नई सरकार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनाव में हार के बाद स्टालिन ने अपना इस्तीफा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को सौंप दिया है। अधिकारियों के मुताबिक इस्तीफा औपचारिक रूप से राज्यपाल कार्यालय भेज दिया गया है और जल्द ही इसकी आधिकारिक पुष्टि भी हो सकती है। यह संकेत देता है कि DMK ने जनादेश को स्वीकार कर लिया है और अब आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
इस चुनाव में विजय के नेतृत्व वाली TVK ने शानदार प्रदर्शन किया है। 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से अभी भी 10 सीट पीछे है। इसके बावजूद यह जीत तमिलनाडु की राजनीति में एक नई ताकत के उभरने का संकेत दे रही है।
तमिलनाडु में 2 साल की पार्टी TVK ने 64 साल पुरानी द्रविड़ राजनीति की उड़ाईं धज्जियां
DMK को इस चुनाव में सिर्फ 59 सीटों पर संतोष करना पड़ा। यह पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। नतीजों के बाद गठबंधन के प्रमुख नेता जैसे थिरुमावलवन, CPI(M) और CPI के नेता DMK मुख्यालय पहुंचे और स्टालिन से मुलाकात की। इस बैठक में आगे की रणनीति और विपक्ष की भूमिका को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।
स्टालिन का गढ़ माने जाने वाले कोलाथुर सीट पर भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला। यहां TVK उम्मीदवार वीएस बाबू ने उन्हें 8,795 वोटों से हरा दिया। वोट शेयर की बात करें तो TVK को 32% से ज्यादा वोट मिले, जबकि DMK को 24.19% और AIADMK को 21.22% वोट मिले। यह आंकड़े बताते हैं कि पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों का प्रभाव इस बार कमजोर पड़ा है।
हार के बावजूद स्टालिन ने शांत और संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो लोग DMK और उसके गठबंधन के साथ खड़े रहे, उनके प्रति वे आभारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वोट शेयर में ज्यादा अंतर नहीं है, जिससे साफ है कि पार्टी का जनाधार अभी भी मजबूत बना हुआ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तमिलनाडु में सरकार किसकी बनेगी। TVK सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन बहुमत से दूर है। ऐसे में गठबंधन की राजनीति अहम भूमिका निभा सकती है। आने वाले दिनों में राज्य की सियासत और भी दिलचस्प होने वाली है।
Location : New Delhi :
Published : 5 May 2026, 2:09 PM IST