सुप्रीम कोर्ट से ACS संजय प्रसाद को बड़ी राहत, हाईकोर्ट के सख्त आदेशों पर लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के एसीएस (गृह) संजय प्रसाद को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेशों पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने पुलिस सुधारों के पालन को लेकर उनके खिलाफ कड़ी टिप्पणियां की थीं। इस फैसले से उनके सर्विस रिकॉर्ड और भविष्य की पोस्टिंग पर राहत मिली है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 11 June 2026, 8:08 PM IST
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Allahabad: उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उनके खिलाफ पुलिस सुधारों के पालन में लापरवाही को लेकर सख्त टिप्पणियां की गई थीं और उनके सर्विस रिकॉर्ड पर असर डालने वाले निर्देश जारी किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह मामला अब न्यायिक स्तर पर नए मोड़ पर पहुंच गया है।

हाईकोर्ट की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला एक महिला की याचिका से जुड़ा है, जिसमें उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण और पुलिस की कथित निष्क्रियता का आरोप लगाया गया था। सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पूर्व में दिए गए जांच सुधार संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी आधार पर गृह विभाग के शीर्ष अधिकारी संजय प्रसाद से जवाब तलब किया गया था।

कोर्ट में प्रशासनिक रवैये पर सवाल

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार के रवैये को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि पुलिस सुधारों को लेकर टालमटोल किया जा रहा है और निर्देशों को गंभीरता से लागू नहीं किया जा रहा। इसी क्रम में संजय प्रसाद के प्रशासनिक आचरण पर भी सवाल उठाए गए थे, जिससे मामला और गंभीर हो गया था।

डीओपीटी को निर्देश और बढ़ी मुश्किलें

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को निर्देश दिया था कि इस पूरे मामले को संजय प्रसाद के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया था कि भविष्य की किसी भी बड़ी पोस्टिंग या प्रमोशन में इस आचरण को ध्यान में रखा जाए।

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सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और राहत

संजय प्रसाद ने हाईकोर्ट के आदेशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाईकोर्ट के सभी विवादित निर्देशों पर अंतरिम रोक लगा दी। इस फैसले के बाद उनके सर्विस रिकॉर्ड और प्रशासनिक करियर पर तत्काल असर पड़ने की आशंका फिलहाल टल गई है।

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अब आगे क्या?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत सुनवाई के लिए आगे बढ़ेगा। इस पूरे प्रकरण में पुलिस सुधार, प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायिक निर्देशों के पालन जैसे अहम मुद्दे केंद्र में बने हुए हैं।

Location :  Allahabad

Published :  11 June 2026, 8:08 PM IST

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