ट्रंप की ‘टैरिफ स्ट्राइक’ से भारत को झटका, जानें कौन से भारतीय सेक्टर होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। रूस से तेल और हथियार खरीद पर पेनल्टी के साथ यह कदम 1 अगस्त की डेडलाइन से पहले लिया गया है। जानिए इससे भारत के किन क्षेत्रों को झटका लग सकता है और अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले टॉप-5 भारतीय उत्पाद कौन से हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 31 July 2025, 8:15 AM IST
google-preferred

New Delhi: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ एक बड़ा आर्थिक कदम उठाते हुए भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध मजबूत हो रहे थे। इसके साथ ही ट्रंप ने रूस से तेल और सैन्य साजोसामान की खरीद पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की भी घोषणा की है।

अमेरिका-भारत व्यापार संबंध

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2021 से भारत, अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन चुका है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसमें भारत ने 86.5 अरब डॉलर का निर्यात किया जबकि अमेरिका से 45.3 अरब डॉलर का आयात किया। भारत ने अमेरिका को संतुलित व्यापार दिखाने के लिए व्हिस्की, मोटरसाइकिल, जैसे उत्पादों पर टैरिफ में कमी की थी, फिर भी ट्रंप का मानना है कि व्यापार घाटा अब भी अधिक है और इसे कम किया जाना चाहिए।

किन क्षेत्रों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान?

इस टैरिफ का सबसे बड़ा प्रभाव स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंपोनेंट्स सेक्टर पर पड़ने की आशंका है। हालांकि आईटी और आईटी एनेबल्ड सेवाएं इस दायरे से बाहर हैं, लेकिन हार्डवेयर से जुड़ी वस्तुएं अब ज्यादा महंगी हो जाएंगी, जिससे भारत के निर्यात को झटका लगेगा।

अमेरिका को भारत के टॉप-5 निर्यात

1. स्मार्टफोन और मोबाइल डिवाइसेज़

भारत से अमेरिका को स्मार्टफोन का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। 2025 में भारत ने अमेरिका को 24.1 बिलियन डॉलर के स्मार्टफोन एक्सपोर्ट किए, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 55% अधिक है। एप्पल अब भारत में आईफोन असेंबल कर रहा है और चीन को पीछे छोड़ चुका है। यह क्षेत्र ट्रंप के टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है।

2. रत्न और आभूषण (जेम्स एंड ज्वेलरी)

अमेरिका, भारत से डायमंड और अन्य आभूषणों का एक बड़ा खरीदार है। इस पर भी टैरिफ लगने से निर्यात प्रभावित हो सकता है।

3. दवा और फार्मास्युटिकल उत्पाद

अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं का एक बड़ा बाजार है। हालांकि मेडिकल उत्पादों पर टैरिफ लगाने की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी इस क्षेत्र की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

4. पेट्रोलियम उत्पाद

भारत अमेरिका को रिफाइंड पेट्रोलियम और अन्य ऊर्जा उत्पाद भी निर्यात करता है। रूस से तेल खरीद के कारण इस सेक्टर पर अप्रत्यक्ष दबाव बन सकता है।

5. कपड़ा और परिधान

टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर भारत के निर्यात का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अमेरिका में इन पर टैरिफ बढ़ने से कीमत प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 31 July 2025, 8:15 AM IST

Advertisement
Advertisement