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JPC के पास भेजा गया FCRA बिल (सोर्स- एक्स)
New Delhi: संसद के मौजूदा सत्र में राजनीतिक सरगर्मी उस समय अपने चरम पर पहुंच गई जब लोकसभा में भारी हंगामे और शोरगुल के बीच 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' (FCRA Amendment Bill) को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सदन में विपक्षी दलों के कड़े विरोध और लगातार नारेबाजी के चलते माहौल काफी गरमाया रहा, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसदों ने इस नए संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध किया। विपक्ष की मुख्य मांग थी कि इस बिल को जेपीसी के पास भेजने के बजाय सरकार इसे पूरी तरह से वापस ले। विपक्षी दलों का दावा है कि इस विधेयक के प्रावधानों से विभिन्न संगठनों और नागरिकों की कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इस तीखे विरोध का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने विपक्षी दलों को खुली चुनौती दी कि वे इस विधेयक के दायरे में ऐसा केवल एक प्रावधान साबित करके दिखाएं जो देश के अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ हो। सरकार का स्पष्ट पक्ष है कि यह संशोधन देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक है।
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इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का आधिकारिक प्रस्ताव केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा सदन में रखा गया। भारी हंगामे के बीच इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया।
इस विशेष जेपीसी की संरचना का भी खाका तैयार कर लिया गया है, जिसमें कुल 31 सदस्य शामिल होंगे-
लोकसभा: निचले सदन से 21 सदस्य, जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नामित किया जाएगा।
राज्यसभा: उच्च सदन से 10 सदस्य, जिन्हें राज्यसभा के सभापति द्वारा नामित किया जाएगा।
प्रस्ताव के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह संयुक्त संसदीय समिति विधेयक से जुड़े सभी पहलुओं और आपत्तियों की बारीकी से जांच करेगी। इसके बाद समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट संसद के आगामी शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन लोकसभा के पटल पर रखेगी।
समिति के कामकाज में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, कोरम (गणपूर्ति) कुल सदस्य संख्या का एक-तिहाई निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, समिति की बैठकों और अन्य प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन के लिए संसदीय समितियों से संबंधित लोकसभा के तमाम मौजूदा नियम और कार्य-प्रक्रियाएं पूरी तरह से लागू रहेंगी। हंगामे के माहौल को देखते हुए सदन की बैठक अगले दिन के लिए टाल दी गई है।
Location : New Delhi
Published : 12 August 2026, 3:35 PM IST
Topics : FCRA 2026 JPC Lok Sabha Modi government Parliament