Parliament Monsoon Session Day-1: मानसून सत्र को लेकर बड़ी खबर, संसद में 39 सांसदों की सीटें बदली गई; जानिए क्यों?

संसद के मानसून सत्र शुरू होने से ठीक कुछ घंटे पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में सासंदों की सीटों में बड़ा बदलाव किया है।

Updated : 20 July 2026, 9:46 AM IST
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New Delhi: सोमवार को अबसे थोड़ी देर बाद संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र शुरू होने से ठीक कुछ घंटे पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में सांसदों के बैठने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। संसद मं 39 सांसदों के बैठने की व्यवस्था को बदल दिया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सांसदों की सीट बदलने की अधिसूचना जारी की है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने ममता बनर्जी की टीएमसी और उद्ध ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के सांसदों की सीट बदली है।

जारी नोटिस में टीएमसी और उद्ध ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना को छोड़कर पाला बदलने वाले सांसदों को पुराने सांसदों के साथ न बैठने को कहा गया है। पुरानी पार्टी के सांसदों के साथ न बैठें

दूसरी तरफ मॉनसून सत्र से पहले 10.30 बजे संसद में कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक होगी। इसमें कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति तय करेगी।
माना जा रहा है कि सीजेपी प्रदर्शन, पेपर लीक, सोनम वांगचुक, एथोनॉल समेत हाल में सुर्खियों में रहे कई मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेर सकती है।

टीएमसी, शिवसेना (यूबीटी) और पाला बदलने वाले नेताओं पर असर

सदन में बैठने के इस नए नियम का सबसे ज्यादा असर उन सांसदों पर पड़ा है जिन्होंने हाल ही में अपनी राजनीतिक वफादारी बदली है। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि पाला बदलने वाले सांसद अब अपनी पुरानी पार्टी के सदस्यों के साथ नहीं बैठेंगे।

इस व्यवस्था के तहत तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के सांसदों की सीटों में भी प्रमुखता से फेरबदल किया गया है। अब नए निर्देश के अनुसार, दल बदलने वाले नेताओं को अपनी पूर्व पार्टियों के सहयोगियों से अलग बैठकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेना होगा।

सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीतिक बैठक

दूसरी ओर, मानसून सत्र की औपचारिक शुरुआत से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां भी अपने चरम पर हैं। कांग्रेस ने सुबह 10:30 बजे अपनी संसदीय दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सदन के भीतर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति को अंतिम रूप देना है। विपक्षी खेमा एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने की पूरी तैयारी में नजर आ रहा है।

किन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष?

माना जा रहा है कि इस मानसून सत्र में कई ज्वलंत मुद्दों पर जोरदार हंगामा देखने को मिल सकता है। विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए कई बड़े राष्ट्रीय मुद्दे मौजूद हैं।

  • सीजेपी (CJP) प्रदर्शन: हालिया प्रदर्शनों और जन-असंतोष को लेकर सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।

  • पेपर लीक मामला: परीक्षाओं में हो रही धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष युवाओं की आवाज उठाने की योजना बना रहा है।

  • सोनम वांगचुक का मुद्दा: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनसे जुड़े विषयों पर सरकार से जवाब मांगा जा सकता है।

  • इथेनॉल नीति: इथेनॉल के दामों और उससे जुड़ी नीतियों को लेकर भी बहस छिड़ने की पूरी संभावना है।

Location :  New Delhi

Published :  20 July 2026, 9:25 AM IST

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