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संसद के गलियारों से आई सबसे बड़ी खबर (Img: Pinterest)
New Delhi: संसद के मॉनसून सत्र के स्थगित होने के 40 दिन बाद भी, इसे अभी तक औपचारिक रूप से समाप्त नहीं किया गया है। दोनों सदनों की कार्यवाही 13 अगस्त को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी, लेकिन सत्र के सत्रावसान (समाप्ति) के बारे में अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। संसद के इतिहास में इसे एक असामान्य स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।
लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचार्य के अनुसार, दोनों सदनों का इतने लंबे समय तक स्थगित रहना एक नया रिकॉर्ड बनाता है। इससे पहले 2015 में संसद 28 दिनों तक स्थगित रही थी, जब सरकार जीएसटी कानून पर राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी।
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इस बीच राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। संसद में पहले भी महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पहल की जा चुकी है। प्रस्तावित ढांचे में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने के प्रावधान शामिल हैं; हालांकि इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया परिसीमन और जनगणना जैसे चरणों से जुड़ी है।
रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणी राज्यों की कुछ पार्टियां सीटों के पुनर्गठन को लेकर चिंता व्यक्त कर रही हैं। उनका तर्क है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन से कुछ राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं।
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संवैधानिक प्रावधानों के तहत संसद सत्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा बुलाए और समाप्त किए जाते हैं। आमतौर पर सदनों के स्थगित होने के कुछ दिनों बाद सत्रावसान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार औपचारिक रूप से मॉनसून सत्र को कब समाप्त करेगी और क्या इस दौरान कोई बड़ी विधायी पहल शुरू की जाएगी।
Location : New Delhi
Published : 22 September 2026, 4:21 PM IST