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एनसीआर में बढ़ते आपराधिक और साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा हैरान करने वाला मामला गुरुग्राम से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर गुरुग्राम में रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उनके बैंक खाते और फोन नंबर का इस्तेमाल मनी लांड्रिंग में होने का डर दिखा डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
प्रतीकात्मक छवि
Gurugram: दिल्ली एनसीआर में बढ़ते आपराधिक और साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा हैरान करने वाला मामला गुरुग्राम से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर गुरुग्राम में रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उनके बैंक खाते और फोन नंबर का इस्तेमाल मनी लांड्रिंग में होने का भय दिखाते हुए डिजिटल अरेस्ट कर लिया। खातों की जांच करने के नाम पर 78 लाख 89 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। रुपए वापस न मिलने पर धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने ने साइबर थाना साउथ में शनिवार को केस दर्ज कराया।
सेक्टर 67 एमथ्रीएम मर्लिन सोसायटी में रहने वालीं तमिता सेठी ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 22 नवंबर को उनके पास अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपने आप को एयरटेल कंपनी से बताया। उसने कहा कि उनके फोन नंबर का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है। उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ है।
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इसके बाद उन्हें 25 नवंबर को दोबारा वाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपने आप को मुंबई पुलिस से बताया। उसने कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। उनके फोन नंबर और बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लांड्रिंग में होने की जानकारी मिली है। वीडियो काल पर सामने बैठा व्यक्ति पुलिस की यूनिफार्म में दिख रहा था। पीछे झंडा भी लगा हुआ था। इससे उन्होंने भरोसा कर लिया।
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फर्जी पुलिस अधिकारी ने बुजुर्ग महिला से खातों के लेनदेन व अन्य कागजातों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद खातों की जांच के नाम पर ही उनसे 78 लाख 89 हजार रुपए आनलाइन ट्रांसफर करा लिए। कहा गया कि जांच पूरी होने के बाद यह रुपए उन्हें वापस भेज दिए जाएंगे लेकिन रुपए वापस न मिलने पर उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
डिजीटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों के बीच आपसे अपील है, ऐसें अनजाने कॉल पर विश्वास ना करे और मामले की जानकारी बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस को दे, आपकी सर्तकता ही आपको ठगी से बचा सकती हैं।