Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 9वां बजट, जानें किन चुनौतियों से होगा सामना?

बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने GDP ग्रोथ, रुपये की गिरावट, IT सेक्टर की छंटनी, चीन से व्यापार घाटा और महंगाई जैसी 9 बड़ी आर्थिक चुनौतियां होंगी। जानिए क्या हैं सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 31 January 2026, 8:33 AM IST
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New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करने जा रही हैं। ऐसे समय में जब भारत जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, सरकार के सामने कई जमीनी आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी हैं। बजट 2026-27 को इसी वजह से सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आर्थिक दिशा तय करने वाला बजट माना जा रहा है।

GDP ग्रोथ सबसे बड़ी चिंता

इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार FY27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है। जबकि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य के लिए 8 प्रतिशत से ज्यादा की निरंतर ग्रोथ जरूरी मानी जाती है। निवेश बढ़ाना, खपत को सहारा देना और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाना सरकार के लिए अहम रहेगा।

रुपये की गिरावट से बढ़ा दबाव

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच चुका है। कमजोर रुपया आयात को महंगा बनाता है, जिससे ईंधन और जरूरी सामानों की कीमतों पर असर पड़ता है। बजट में विदेशी निवेश आकर्षित करने और निर्यात बढ़ाने के उपाय अहम होंगे।

IT सेक्टर में रोजगार संकट

आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में भर्तियों की रफ्तार थम गई है। नई नौकरियों की संख्या में तेज गिरावट से शहरी युवाओं की चिंता बढ़ी है। सरकार से स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स और नई टेक्नोलॉजी पर फोकस की उम्मीद है।

चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा

चीन से बढ़ता आयात घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के लिए चुनौती बना हुआ है। आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देने के लिए बजट में घरेलू उद्योगों को संरक्षण और प्रोत्साहन की जरूरत है।

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सोना-चांदी की रिकॉर्ड कीमतें

सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों ने मिडिल क्लास पर बोझ बढ़ा दिया है। शादी-ब्याह और बचत दोनों पर असर दिख रहा है। महंगाई को काबू में रखने के लिए बजट से ठोस कदमों की उम्मीद है।

वायु प्रदूषण और स्वच्छता

देश के कई शहर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं। खराब हवा का सीधा असर हेल्थ और प्रोडक्टिविटी पर पड़ता है। ग्रीन एनर्जी और क्लीन ट्रांसपोर्ट पर निवेश अहम मुद्दा रहेगा।

अमेरिका का हाई टैरिफ

भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ ने निर्यातकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बजट में नए बाजारों की तलाश और निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं अहम होंगी।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सुस्ती

मेक इन इंडिया के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग का योगदान अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। टैक्स राहत और नीति सुधार इस सेक्टर को रफ्तार दे सकते हैं।

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कृषि और किसानों की आय

खेती की उत्पादकता बढ़ाना और किसानों की आय मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। टेक्नोलॉजी, सिंचाई और बेहतर बीजों पर बजट का फोकस तय माना जा रहा है। कुल मिलाकर, बजट 2026-27 सरकार के लिए आर्थिक संतुलन साधने और भविष्य की नींव मजबूत करने की बड़ी कसौटी साबित होगा।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 31 January 2026, 8:33 AM IST

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