भारत में वित्तीय सत्र की शुरुआत…दुनिया के पहले बजट से लेकर वर्तमान बजट के किस्से, क्या इस साल भी होगा कोई बड़ा उलट फेर?

आम बोल चाल की भाषा में बात की जाए तो बजट हमारे आय और खर्चे की बैलेंस शीट को कहा जाता है..बजट के आधार पर ही हम तय करते हैं कि हमें अपनी कमाई और खर्चों के बीच उचित तालमेल बैठाते हुए..किस तरह अधिकतम संतुष्टि प्राप्त करनी है इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो शुरुआती दौर में इंग्लैंड के वित्त मंत्री आर्थिक ब्यौरा देने के लिए दस्तावेजों को चमड़े के बैग में लेकर पहुंचते थे।

Updated : 30 January 2026, 6:11 PM IST
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New Delhi: भारत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ ही स्वतंत्र भारत का 79 वां बजट सत्र शुरु हो चुका है..वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी..वहीं इससे पहले वित्त मंत्री ने 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है..जिसमें उन्होंने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिती का लेखा जोखा पेश किया है..बजट सत्र 28 फरवरी से 2 अप्रैल तक चलने वाला है..जो कि दो चरणों में रहने वाला है..तो आईए जानते हैं बजट के बारे में पूरी जानकारी....

क्या होता है बजट?

आम बोल चाल की भाषा में बात की जाए तो बजट हमारे आय और खर्चे की बैलेंस शीट को कहा जाता है..बजट के आधार पर ही हम तय करते हैं कि हमें अपनी कमाई और खर्चों के बीच उचित तालमेल बैठाते हुए..किस तरह अधिकतम संतुष्टि प्राप्त करनी है..वहीं ठीक इसी तरह जब देश का बजट पेश किया जाता है..तो वित्त मंत्री राष्ट्रपति के नेतृत्व में पूरे साल का लेखा जोखा पेश करता है..और आने वाले साल के लिए नीति औऱ नियमों को निर्धारित करता है..और साथ ही पिछले साल की वित्तीय जानकारी देते हुए आर्थिक ढांचे को सदन के पटल पर रखता है..

बजट शब्द का इतिहास

बजट शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के शब्द बोजेत से हुई है..इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो शुरुआती दौर में इंग्लैंड के वित्त मंत्री आर्थिक ब्यौरा देने के लिए दस्तावेजों को चमड़े के बैग में लेकर पहुंचते थे..वहीं संसद के सदन में पहुंचने पर जब वे अपना बैग खोलते थे..तो सभासद मजाक में बोल देते थे कि बजट खुल गया..जिसके बाद धीरे-धीरे आर्थिक लेखा जोखा पेश करने को बजट कहा जाने लगा. भारत की बात की जाए तो साल 2019 से पहले तक भारत में भी वित्त मंत्री वित्तीय ब्यौरा प्रस्तुत करने के लिए एक चमड़े का बैग लेकर पहुंचते थे..लेकिन 2019 से वित्तीय जानकारी को बही खाते में प्रस्तुत किया जाने लगा..वहीं डिजिटलीकरण के युग में इस को पेश करने का प्रारुप बिल्कुल ही बदल गया है..अब बजट डिजीटल टेबल के माध्यम से पेश किया जाता है..

भारत में बजट की शुरुआत

भारत में बजट की शुरुआत की बात की जाए तो इसकी शुरुआत देश में अंग्रेजी सरकार के शासन काल से ही शुरु हो गई थी..देश में पहला बजट इंग्लिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने 7 अप्रैल 1860 को पेश किया था..वहीं आजाद भारत के पहले बजट 26 नवंबर 1947 को आर के शनमुख चेट्टी ने पेश किया था..जिसके बाद तब से लेकर अब तक पूर्ण और अंतरिम बजट मिलाकर 100 से भी ज्यादा बजट पेश किए जा चुके हैं..

निर्मला सीतारमण का 9 वां बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने कार्यकाल का लगातार 9 वां बजट पेश करने जा रही है..वह देश की एकमात्र ऐसी वित्त मंत्री है..जो अब तक लगातार 8 बजट पेश कर चुकी है..वहीं उनसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई ने लगातार 6 बजट पेश किए थे..हालांकि सबसे ज्यादा 10 बजट पेश करने का रिकार्ड अब भी पूर्व प्रधानमंत्री देसाई के ही नाम है..निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्री के साथ-साथ एक अच्छी अर्थशास्त्री भी कहा जाता है..जिसके चलते ही उनकी नीतियों की कई बार सराहना हो चुकी हैं...

दो चरणों में पेश होगा बजट

देश का 79 वां बजट यानि साल 2026 का बजट दो चरणों में पेश किया जाएगा..पहले बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को महामहिम द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हो चुकी है..जो कि सत्र खत्म होने तक 8 फरवरी तक चलेगी..वहीं दूसरे चरण की बात करें 9 मार्च से दूसरा चरण शुरु होगा जो कि 2 अप्रैल तक चलेगा..

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पिछले साल के बजट में क्या कुछ था खास

पिछले साल का बजट मध्यम वर्ग,किसान और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने वाला था...केंद्र सरकार ने 2025-26 के बजट में 12 लाख सालान आय तक छूट कर दी थी..जिसके चलते आमजन को बड़ी राहत मिली थी..वहीं सरकारी की तरफ से किसानों को फसलों और अन्य जरुरतों को पूरा करने के लिए बेहतर लोन की सुविधा भी दी गई थी..पिछले साल का बजट आम जनता के लिए उम्मीदों का बजट था..वहीं बजट के दौरान युवाओं का भी खास ध्यान रखा गया था..केंद्र सरकार ने 1 करोड़ों युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए 500 कंपनियों में इंटर्नशिप देने के लिए भी घोषणा की थी..जिसके लिए प्रतिमाह 5000 रुपए भी निर्धारित किए गए थे..वहीं बुनियादी ढांचे को मजबूत करके आर्थिक रफ्तार तेज करने के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपए का आवंटन भी किया था..

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क्या उम्मीदें है इस साल के बजट से...

पिछले साल के जैसे इस साल भी जनता को बजट से बड़ी उम्मीद लगी हुई है...इस साल संभावना है कि आय पर कर छूट की सीमा 12 लाख से बढ़ाकर 15 लाख सालान की जा सकती है..वहीं बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली छूट को लेकर भी संभावना जताई जा रही है कि इस साल इसे नई रिजीम में लिया जा सकता है..साथ ही बुनियादी ढांचों को लेकर भी सरकार बजट में बढ़ोतरी कर सकती है..ताकि देश में चल रही परियोजनाओं को रफ्तार मिलते हुए भारत तेजी से विकसित भारत के विजन की ओर आगे बढ़ सके..वहीं आम जनता के साथ ही किसानों को लेकर भी इस बजट से बहुत कयास लगाए जा रहे हैं..और उम्मीद की जा रही है कि इस साल के बजट सत्र में किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण की सीमा को बढ़ाया जा सकता है..वहीं अन्य क्षेत्रों की बात की जाए तो कैंसर जैसी घातक बीमारी की दवा,इलेक्ट्रिक गाड़ियां, मोबाइल के पार्टस भी सस्ते हो सकते हैं..फिलहाल इन चीजों को लेकर सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे है..बाकि क्या कुछ होता है इस साल के बजट में ये तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा बजट की घोषणा के बाद ही पता चल पाएगा..

 

 

 

 

Location : 
  • Delhi

Published : 
  • 30 January 2026, 6:11 PM IST

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