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उत्तराखंड के नैनीताल में बारापत्थर स्थित प्राकृतिक एसी केव इस गर्मी पर्यटकों के लिए राहत का बड़ा ठिकाना बन गई है। चट्टान से निकलने वाली बर्फ जैसी ठंडी हवा यहां आने वालों को बिना किसी खर्च के अनोखा सुकून देती है। गर्मी से परेशान यात्रियों की बड़ी संख्या इस जगह का रुख कर रही है।
बारापत्थर क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक एसी केव
Nainital: उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा नैनीताल सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि मौसम की तपिश से थके लोगों के लिए किसी सुकूनभरी पनाहगाह जैसा है। गर्मी अपने चरम पर हो और मैदानों में सूरज आग बरसा रहा हो, तब यहां की ठंडी हवा, झील का शांत पानी और पहाड़ों का फैलता सुकून किसी कहानी से कम नहीं लगता। लेकिन इसी खूबसूरत शहर के बीचोंबीच एक ऐसी जगह है, जो पर्यटकों को बिना किसी खर्च के प्राकृतिक एसी का एहसास कराती है।
लोग इसे नैनीताल की हवा का महल कहते हैं और इसका अनुभव हर किसी को हैरान कर देता है।
नैनीताल की पहचान उसकी झीलों, पहाड़ों और सालभर रहने वाली सुहानी ठंडक से जुड़ी है। ब्रिटिश काल में इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के पीछे भी यही वजह थी। आज भी गर्मी से परेशान लोग देशभर से यहां पहुंचते हैं। पर्यटन सीजन शुरू होते ही रोजाना हजारों पर्यटक शहर की तंग गलियों, झील किनारे के रास्तों और पहाड़ी ढलानों में घूमते दिखाई देते हैं। इस भीड़ में एक खास जगह ऐसी है, जिसकी लोकप्रियता हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही बारापत्थर क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक एसी केव।
यह केव एक बड़ी चट्टान के भीतर बने खोखले हिस्से को कहा जाता है, जहां से हर मौसम में बर्फ जैसी ठंडी हवा निकलती है। चाहे बाहर तपती गर्मी हो या कड़ाके की सर्दी, इस केव का तापमान हमेशा मन को ताजगी देने वाला रहता है। स्थानीय लोग इसे हवा महल कहते हैं, जबकि पर्यटक इसे नैनीताल का नेचुरल एयर कंडिशनर घोषित कर चुके हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यहां पहुंचने पर ना कोई टिकट लगता है और ना किसी तरह का अन्य खर्च। बस प्रकृति अपने आप आपको वह ताजगी देती है, जिसके लिए शहरों में हजारों रुपये एसी पर खर्च करने पड़ते हैं।
बारापत्थर शहर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए लोग बाइक लेते हैं, पैदल ट्रेकिंग करते हैं या टैक्सी बुक कर आते हैं। हर दिन यहां बैठे पर्यटकों की भरी भीड़ बताती है कि इस जगह की खूबसूरती अब सोशल मीडिया के जरिए दूर-दूर तक पहुंच चुकी है। जयपुर से आए पर्यटक पारस आर्या बताते हैं कि उन्हें भरोसा नहीं था कि किसी चट्टान से इतनी ठंडी हवा निकल सकती है। लेकिन जब वह केव के पास पहुंचे तो लगा जैसे किसी प्राकृतिक एसी के सामने खड़े हों। उन्होंने बताया कि यहां बैठना ही अपने आप में इतनी राहत देता है कि दिनभर की थकान गायब हो जाती है।
वहीं, सोनिया नाम की पर्यटक, जो जयपुर की ही रहने वाली हैं, कहती हैं कि राजस्थान की तेज गर्मी से बचने के लिए उन्होंने नैनीताल का रुख किया। लेकिन बारापत्थर पहुंचने के बाद उन्हें पहली बार एहसास हुआ कि पहाड़ों की हवा वाकई अलग होती है। उनके मुताबिक, यह जगह उन लोगों के लिए खास है जो नैनीताल आते हैं और कुछ प्राकृतिक, हल्का और फुल्का और भीड़ से हटकर अनुभव करना चाहते हैं।
बारापत्थर का यह प्राकृतिक एसी केव अब नैनीताल की नई पहचान बनता जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटक कहते हैं कि अगर आप नैनीताल की यात्रा पर हैं और गर्मी से परेशान हैं, तो इस नेचुरल एयर कंडिशनर का अनुभव करना बिल्कुल न भूलें।