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रायबरेली के खीरो थाना क्षेत्र में बिजली चोरी की जांच के दौरान दबंगों ने बिजली विभाग की टीम पर हमला कर दिया। जेई समेत 5 कर्मचारी घायल हुए हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जेई और संविदाकर्मी समेत 5 पर हमला
Raebareli: रायबरेली में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने गई बिजली विभाग की टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया। इस घटना में जूनियर इंजीनियर (जेई) समेत पांच बिजलीकर्मी घायल हो गए। मामला खीरो थाना क्षेत्र के मल्लपुर मजरे डुमटहर गांव का है, जहां बिजली विभाग की टीम बिजली बिल राहत योजना के तहत जांच के लिए पहुंची थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग को शिकायत मिली थी कि गांव में नलकूप से केबल खींचकर अवैध रूप से घरों में बिजली का उपयोग किया जा रहा है। इस सूचना के बाद जेई विजय बहादुर अपनी टीम और संविदाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान कर्मचारियों ने बिजली चोरी के सबूत जुटाने के लिए वीडियो बनाना शुरू किया, जिससे मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में हुई नोकझोंक कुछ ही देर में हिंसक रूप ले बैठी। आरोप है कि दबंगों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर हमला कर दिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस मारपीट में जेई विजय बहादुर समेत कुल पांच लोग घायल हो गए। अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे।
हमले के बाद घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद जेई विजय बहादुर की तहरीर पर खीरो थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने इस मामले में दिलीप, दीपक और जीतलाल के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और बिजली चोरी से जुड़े सभी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, नलकूप से केबल खींचकर घरेलू उपयोग में बिजली लेने से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों पर अतिरिक्त लोड पड़ने से तकनीकी दिक्कतें भी बढ़ रही थीं।
इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी और असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उन्हें अक्सर विरोध और हिंसा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अभियानों के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बिना डर के अपना काम कर सकें। फिलहाल, पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।