हिंदी
IPS अजय पाल और IAS अमित पाल (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशासनिक सख्ती को लेकर एक नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है- अजय पाल शर्मा। चुनाव आयोग द्वारा ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए अजय पाल शर्मा अपने कड़े फैसलों और मैदान में सक्रिय भूमिका के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहे हैं।
2011 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए जाना जाता है। उत्तर प्रदेश में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चलाया और कई चर्चित एनकाउंटर किए। इसी वजह से उन्हें ‘यूपी का सिंघम’ भी कहा जाता है। पश्चिम बंगाल चुनाव में भी उन्होंने इसी तेवर को बरकरार रखा है। डायमंड हार्बर जैसी संवेदनशील सीट पर तैनाती के दौरान उन्होंने चुनावी धांधली रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए।
हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें वे मौके पर खुद मौजूद रहकर स्थिति संभालते नजर आए। टीएमसी उम्मीदवारों के साथ तीखी बहस और लाठीचार्ज का नेतृत्व करने की घटनाओं ने उन्हें फिर से राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।
जहां एक ओर अजय पाल शर्मा अपनी सख्त पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं, वहीं उनके छोटे भाई अमित पाल भी प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 2016 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अमित पाल वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में जिलाधिकारी (DM) के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 28 अक्टूबर 2025 को इस पद का कार्यभार संभाला।
अमित पाल का शैक्षणिक बैकग्राउंड भी बेहद खास है। उन्होंने MBBS की डिग्री हासिल की है, यानी वे एक प्रशिक्षित डॉक्टर भी हैं। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने नगर आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
Kaushambi News: DM अमित पाल का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए दिए ये कड़े निर्देश
दोनों भाई मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं। साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं- IAS और IPS- में जगह बनाई। आज दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पहचान बना चुके हैं और प्रशासनिक व्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं।
Location : Kolkata
Published : 30 April 2026, 9:04 AM IST