विश्व रक्तदाता दिवस पर पश्चिमी सिंहभूम में रक्तदान अभियान, जिले में 250 यूनिट रक्त संग्रहित

विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में "प्रोजेक्ट जागृति बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के तहत बड़े स्तर पर रक्तदान अभियान चलाया गया। जिले के छह स्थानों पर आयोजित शिविरों में करीब 250 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने शिविरों का निरीक्षण कर रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया और लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 15 June 2026, 7:57 AM IST
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Jharkhand: एक छोटी सी पहल किसी की जिंदगी बचाने का बड़ा कारण बन सकती है। इसी सोच के साथ विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में बड़ा रक्तदान अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे "प्रोजेक्ट जागृति- बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के तहत जिलेभर में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने मानव सेवा के इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

उपायुक्त ने शिविरों का किया निरीक्षण

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आयोजित शिविरों का उपायुक्त मनीष कुमार ने खुद निरीक्षण किया। उन्होंने चाईबासा शहर समेत कई स्थानों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। उपायुक्त ने एमटीसी, सदर अस्पताल, बड़ी बाजार स्थित उर्दू लाइब्रेरी, 174 बटालियन पुलिस लाइन और रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर पहुंचकर शिविरों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह मानव सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।

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जिले के छह स्थानों पर लगाए गए शिविर

पश्चिमी सिंहभूम जिले में कुल छह स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इनमें चाईबासा में अंजुमन इस्लामिया की ओर से बड़ी बाजार स्थित उर्दू लाइब्रेरी में शिविर लगाया गया। इसके अलावा 174 बटालियन सीआरपीएफ पुलिस लाइन, मारवाड़ी युवा मंच चाईबासा जागृति शाखा की ओर से सदर अस्पताल, एमटीसी, मुंधडा अस्पताल चाईबासा, रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोइलकेरा में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए गए।

युवाओं और सामाजिक संगठनों से आगे आने की अपील

उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले के युवाओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और सक्षम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। जरूरत के समय इंसान का दिया हुआ रक्त ही किसी दूसरे इंसान की जिंदगी बचा सकता है। कार्यक्रम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम, सदर थाना प्रभारी हीरालाल महतो, मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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रक्तदान को बताया सबसे बड़ा दान

अंजुमन इस्लामिया के सचिव फैयाज खान ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं हो सकता, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिलता है। वहीं चाईबासा जागृति शाखा की अध्यक्ष चंदा अग्रवाल ने कहा कि रक्त का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। एक इंसान ही दूसरे इंसान की मदद करके उसकी जिंदगी बचा सकता है।

रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित

रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र, कॉफी मग और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अभियान की खास बात यह रही कि महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

Location :  Jharkhand

Published :  15 June 2026, 7:57 AM IST

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